ग्वालियर जिले में रविवार शाम को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर सहित तमाम मंत्रीगण अटल गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की याद में बनने वाले स्मारक बनाने के लिए तीन साल पहले किया गया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
अटल जी के पैतृक निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों की भारी भीड़...
ग्वालियर स्थित भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के पुश्तैनी निवास शिंदे की छावनी स्थित कमल सिंह का बाग में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहां जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, स्थानीय सांसद विवेक शेजवलकर सहित बड़ी संख्या में पहुंचे। बीजेपी ने अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का आयोजन उनके पुश्तैनी घर स्थित लाइब्रेरी में किया गया। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचकर अटल जी को याद किए।
बता दें कि कार्यक्रम का आयोजन उनके पुश्तैनी घर स्थित लाइब्रेरी में तब्दील किया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचकर अटल जी को याद किए। शेर के बीचो-बीच कमल सिंह के बाग में अटल जी का पुश्तैनी घर है और यही अटल जी का बचपन बीता था। साथ ही इन्हीं गलियों में अटल जी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की और यहां से देश के प्रधानमंत्री बने। खास बात यह है कि भले ही अटल जी देश के प्रधानमंत्री बने, लेकिन उन्होंने ग्वालियर को और ग्वालियर की गलियों को कभी नहीं छोड़ा। यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री थे, उस समय भी ग्वालियर में आते थे और अपने मित्रों से मुलाकात करते थे।