मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर 4 अप्रैल से 3 दिन की पदयात्रा शुरू करने वाले हैं।
- फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर स्थित कोटेश्वर मंदिर से दतिया स्थित पीतांबरा पीठ तक प्रद्युम्न सिंह तोमर पदयात्रा शुरू करने वाले हैं। इस दौरान जगह-जगह रास्ते में बिजली समस्या का निवारण भी करते जाएंगे।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 4 अप्रैल से सुबह 7 बजे इस पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी। यह पदयात्रा ग्वालियर स्थित कोटेश्वर मंदिर से दतिया स्थित पीतांबरा पीठ तक रहेगी। ऊर्जा मंत्री तोमर की इस यात्रा में बिजली विभाग के बड़े अधिकारी भी पदयात्रा करेंगे। रास्ते में तय जगहों पर शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें बिजली समस्या का निवारण किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान उन्होंने संकल्प लिया था कि कोरोना की दूसरी लहर में अंचल में किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने देंगे। अगर यह संकल्प पूरा हुआ तो वे मां पीताम्बरा तक पद यात्रा करेंगे। अपने इसी संकल्प के पूरा होने के बाद अब वे पदयात्रा शुरू करते हुए पीतांबरा शक्ति पीठ तक जाएंगे।
ऊर्जा मंत्री तोमर की पदयात्रा पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आर पी सिंह ने कहा है कि ऊर्जा मंत्री को प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी को लेकर पदयात्रा करनी चाहिए। जिसके तोमर ने जवाब देते हुए कहा है कि कमलनाथ की 15 महीने की सरकार में जो महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है, पहले उसका स्पष्टीकरण दें। पेट्रोल-डीजल की महंगाई पर भी उन्होंने सफाई दी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जब कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो पेट्रोल, डीजल की कीमत बढ़ना स्वाभाविक है।