सिरसी पुलिस ने अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया
- फोटो : Amar Ujala
गुना जिले में शराब तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया। तस्कर ने पुलिस को चकमा देने के लिए बच्चों के पसंदीदा जूस ब्रांड जैसे दिखने वाले डिब्बों में व्हिस्की भरकर बेचने का शातिराना तरीका अपनाया था, लेकिन सिरसी पुलिस के सक्रिय मुखबिर तंत्र और सहायक उपनिरीक्षक गुणसागर मीणा की सतर्कता ने इस काले कारोबार का समय रहते भंडाफोड़ कर दिया। आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
पेड़ के नीचे बैठकर थी शराब बेचने की योजना
एएसआई गुणसागर मीणा को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम करनावटा में एक संदिग्ध व्यक्ति आम के पेड़ के नीचे बैठकर अवैध शराब बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके की घेराबंदी कर दी और वहां मौजूद व्यक्ति को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान वेस्ता भिलाला पुत्र हमीर भिलाला के रूप में हुई है।
जब पुलिस ने आरोपी के थैले की तलाशी ली तो नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। थैले में 25 छोटे डिब्बे मिले, जो बिल्कुल बच्चों के पसंदीदा जूस ब्रांड ‘फ्रूटी’ जैसे दिखते थे। लेकिन इन डिब्बों के अंदर जूस नहीं, बल्कि शराब भरी हुई थी। पहली नजर में कोई भी इन्हें आम जूस के पैकेट समझ सकता था। यही इस तस्करी का सबसे खतरनाक पहलू था, क्योंकि यह तरीका आसानी से शक से बच सकता था।
आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से एक 15 लीटर की केन भी बरामद की, जिसमें ‘घुंघरू’ ब्रांड की देशी शराब के करीब 30 क्वार्टर भरे थे। बरामद शराब राजस्थान में निर्मित बताई जा रही है। वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाने पर पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस अधीक्षक हितिका बासल ने बताया कि अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि राजस्थान से यह शराब किन रास्तों से गुना पहुंच रही थी, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और क्या इस तरह की भ्रामक पैकेजिंग का इस्तेमाल अन्य तस्कर भी कर रहे हैं।