गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार आरती गौतम ने अपने पति पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरती का कहना है कि शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने कैंट थाने में मामला दर्ज कराया।
पद और प्रतिष्ठा भी जब घर की चारदीवारी में टूटते रिश्तों को नहीं बचा पाती, तो कानून का दरवाजा ही आखिरी सहारा बनता है। गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार आरती गौतम ने आखिरकार अपने पति विजेंद्र उचाड़िया के खिलाफ कैंट थाने में प्रताड़ना और मारपीट का मामला दर्ज करा दिया। आरोप है कि शादी के पांच वर्षों में दहेज की मांग, मानसिक यातना और शारीरिक हिंसा ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया।
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पुलिस को दी शिकायत में आरती गौतम ने बताया कि उनका विवाह मुरैना के सुसानी गांव निवासी विजेंद्र उचाड़िया से 21 जनवरी 2020 को हुआ था। शादी की पहली रात ही पति का रवैया बदल गया। उपहारों को फेंककर ताने दिए गए और कहा गया कि ‘हैसियत के हिसाब से दहेज नहीं मिला’। यहीं से अपमान और आर्थिक दबाव का सिलसिला शुरू हुआ जो साल-दर-साल बढ़ता गया।
विवाद की आग और भड़क उठी
आरती की पहली पोस्टिंग भिंड में हुई। आरोप है कि तब पति ने उनकी पूरी सैलरी पर कब्जा जमाने की कोशिश की। शादी में मिले नकद और जेवरात भी अपने पास रखने का दबाव बनाया। मायके से और रुपये लाने के लिए रोज झगड़ा होता। ‘तुम्हारी कमाई पर मेरा हक है’ कहकर मानसिक रूप से तोड़ा जाता। गुना तबादले के बाद दोनों साथ रहने लगे, लेकिन उम्मीद के उलट विवाद की आग और भड़क उठी।
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आरती के मुंह और दांतों में चोट आई
शिकायत के मुताबिक 12 मई को पैसों और ज्वेलरी को लेकर कहासुनी हाथापाई में बदल गई। धक्का-मुक्की में आरती के मुंह और दांतों में चोट आई। आरोप है कि गुस्से में पति ने उनका मोबाइल पटककर तोड़ दिया और लैपटॉप व सारे गहने अलमारी से निकालकर अपने कब्जे में ले लिए। बच्चों के सामने हुई इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।
हर बार कोशिश रही नाकाम
आरती ने पुलिस को बताया कि सामाजिक बदनामी और बच्चों के भविष्य की चिंता में वह वर्षों तक चुप रहीं। हर बार रिश्ता सुधारने की कोशिश की, लेकिन प्रताड़ना बढ़ती गई। जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो थाने का रुख करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक महिला अधिकारी होते हुए भी यदि वह घरेलू हिंसा सहती रहेंगी तो आम महिलाओं को क्या संदेश जाएगा।
प्रकरण दर्ज
कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी विजेंद्र उचाड़िया के खिलाफ बीएनएस की धारा 85 और 324(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। मोबाइल-लैपटॉप और जेवरात की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार जैसी जिम्मेदार पद पर बैठी महिला को भी न्याय के लिए थाने की शरण लेनी पड़ी। गुना पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और पीड़िता को पूरी कानूनी मदद दी जाएगी।