फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guna News: हाईकोर्ट ग्वालियर के आदेश पर कोतवाली थाना प्रभारी सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश

Sat, 31 Jan 2026 11:34 AM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

निजी तस्वीरें वायरल करने के मामले में आरोपी को संरक्षण देने पर हाईकोर्ट ग्वालियर ने गुना कोतवाली टीआई चंद्रप्रकाश सिंह चौहान को सस्पेंड करने के आदेश दिए। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेशों की अवहेलना बताया और वरिष्ठ अधिकारी से विभागीय जांच कर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा।

विज्ञापन
कोतवाली थाना प्रभारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निजी तस्वीरें वायरल करने के गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर हाईकोर्ट ग्वालियर ने बड़ा एक्शन लिया है। न्यायालय ने गुना के कोतवाली थाना प्रभारी टीआई चंद्रप्रकाश सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस पूरे मामले को न्यायिक आदेशों की घोर अवहेलना और अधिकारों के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
विज्ञापन


कोतवाली क्षेत्र की एक युवती ने 8 अक्तूबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती का आरोप था कि वह कैंट क्षेत्र के एक युवक को पिछले छह वर्षों से जानती थी और दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। बाद में युवती को पता चला कि युवक शादीशुदा हैं, जिसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से रिश्ता खत्म कर लिया। युवक के मोबाइल फोन में दोनों की कुछ निजी तस्वीरें थीं, जिन पर उस समय युवती को कोई आपत्ति नहीं थी।

शिकायत के अनुसार करीब छह महीने पहले युवक की पत्नी ने युवती को फोन कर धमकी दी कि उसके पास उसकी अश्लील तस्वीरें हैं और वह उन्हें वायरल कर देगी। 27 सितंबर को युवती ने देखा कि इंस्टाग्राम पर आरोपी महिला ने युवक के साथ उसकी निजी तस्वीरें पोस्ट कर दी हैं। विरोध करने पर आरोपी महिला ने और तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी। बाद में फोटो डिलीट कर दी गई, लेकिन 8 अक्तूबर को फिर से एक अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई, जिससे युवती की समाज में बदनामी हुई। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। आरोपी महिला ने पहले ट्रायल कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, जिसे दोनों ही अदालतों ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सतना खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, दूध पैकेजिंग मशीन सीज, 75 पैकेट दूध जब्त

अग्रिम जमानत खारिज होने के बावजूद कोतवाली थाना प्रभारी ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत नोटिस जारी कर छोड़ दिया। इसी कार्रवाई को लेकर पीड़ित युवती ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की और आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि थाना प्रभारी का आचरण विधि के शासन, न्यायालय के अधिकार और निष्पक्ष जांच के सिद्धांतों की घोर अवहेलना दर्शाता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब निचली अदालत और हाई कोर्ट दोनों ही अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुके हों, तब जांच एजेंसी द्वारा धारा 41ए का सहारा लेकर आरोपी को गिरफ्तारी से बचाना न्यायिक आदेशों की भावना को विफल करता है।
विज्ञापन


कोर्ट ने यह भी कहा कि बाद में आरोपपत्र दाखिल करना या आरोपी को नियमित जमानत मिल जाना, जांच के शुरुआती चरण में की गई गैरकानूनी कार्रवाई को वैध नहीं ठहरा सकता। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि पुलिस अधीक्षक से कम रैंक के न होने वाले अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर समयबद्ध विभागीय जांच कराई जाए। साथ ही, चार सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए गए हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें