नारकोटैक्स की टीम से बचकर भागे आरोपियों में से एक का शब फांसी पर लटका मिला
मध्य प्रदेश के गुना जिले में बीते शुक्रवार को हुई करोड़ों की डोडा चूरा तस्करी और सड़क हादसे ने रविवार को एक और दर्दनाक मोड़ ले लिया। इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी कार चालक का शव गुना के पगारा रेलवे स्टेशन के पास पेड़ से लटका मिला। पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन इस मौत ने दो निर्दोषों की जान और एक बड़े तस्करी रैकेट की गुत्थी को और उलझा दिया है।
शुक्रवार को नारकोटिक्स विभाग की टीम को संदिग्ध हरकत की सूचना मिली। टीम ने मौके पर जाकर सूचना के आधार पर एक ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें लगभग 25 से 30 क्विंटल डोडा चूरा बरामद हुआ। बाजार में इसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। नारकोटिक्स अधिकारियों के मुताबिक, इस ट्रक को रास्ता दिखाने के लिए आगे एक सफेद वर्ना कार चल रही थी। जैसे ही टीम ने ट्रक को घेरा, कार सवारों को भनक लग गई और वे अशोकनगर की तरफ तेज रफ्तार में भाग निकले। भागते समय कार ने मावन गांव के पास एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर कल्लू बरेला, उनकी पत्नी पिंकी बरेला और उनका 3 साल का भतीजा सवार थे। इस भिड़ंत में कल्लू और पिंकी की मौके पर ही मौत हो गई। मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। हादसे के बाद कार में बैठे दो लोग पकड़े गए, लेकिन कार चला रहा मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया। कैंट पुलिस ने हादसे में केस दर्ज किया था।
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रविवार सुबह गुना जीआरपीएफ को सूचना मिली कि पगारा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के पीछे झाड़ियों में एक युवक का शव पेड़ से लटका है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। जांच में मृतक की पहचान राजस्थान के कोटा जिले के रामगंज मंडी निवासी असलम खान (32) के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसने अपनी बेल्ट से ही फंदा बनाकर जान दी। सीएसपी आनंद राय ने बताया, हमें जीआरपी से सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि पकड़े गए डोडा चूरा से भरे ट्रक के साथ यही कार चल रही थी। हादसे के बाद यह आरोपी फरार हो गया था। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया है। सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल सीडीआर के आधार पर ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी। नारकोटिक्स विभाग भी तस्करी नेटवर्क को खंगालने में जुटा है।