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Guna Lok Sabha Result: क्या खोई प्रतिष्ठा हासिल कर सकेंगे सिंधिया? यादव वोटरों का दिल जीतना बड़ी चुनौती

Wed, 29 May 2024 06:46 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, गुना

सार

मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। सिंधिया राजघराने की इस परंपरागत सीट पर 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। क्या वे इस बार खोई प्रतिष्ठा हासिल कर सकेंगे? इस सवाल का जवाब चार जून को ही मिलेगा।   
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गुना में सिंधिया पहली बार भाजपा से मैदान में हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 में मिली हार के दाग को मिटाने की चुनौती है। उनके सामने कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े सिंधिया को भाजपा के केपी यादव ने हराया था। इस बार भाजपा ने यादव के स्थान पर सिंधिया को मौका दिया है, जो 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और इस समय मध्य प्रदेश से राज्यसभा में सांसद हैं। बसपा ने धनीराम चौधरी को टिकट देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश जरूर की है लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में ही है। कुल 15 उम्मीदवार यहां से भाग्य आजमा रहे हैं। 
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गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट सिंधिया राजपरिवार के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ी रही है। इस सीट के अंतर्गत अशोकनगर जिले के साथ ही शिवपुरी और गुना के कुछ हिस्से आते हैं। आठ विधानसभा सीटों में से छह पर भाजपा और दो पर कांग्रेस का कब्जा है। तीसरे चरण में सात मई को यहां वोटिंग हुई थी। इस बार यहां 72.43 प्रतिशत वोटिंग हुई है। 2019 की बात करें तो इस सीट पर 70.32 प्रतिशत और 2014 में 60.77 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। पिछले चुनावों के मुकाबले बम्पर वोटिंग को सिंधिया के पक्ष में माना जा रहा है लेकिन नतीजा तो चार जून को ही सामने आएगा।  

राजघराने की सीट रही है गुना-शिवपुरी
गुना-शिवपुरी सीट को सिंधिया राजघराने की परंपरागत सीट मानी जाती रही है। 1957 में सिंधिया परिवार ने पहली बार इस सीट पर चुनाव जीता था। 2002 से 2019 तक ज्योतिरादित्य यहां से चुनाव जीते। हालांकि, 2019 में उन्हें किसी समय करीबी रहे केपी यादव के हाथों पराजय मिली। कांग्रेस ने राव यादवेंद्र सिंह को टिकट दिया है, जो अशोक नगर से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनकी पत्नी जनपद सदस्य, भाई जिला पंचायत सदस्य और मां भी जनपद सदस्य हैं। राव यादवेंद्र सिंह के पिता देशराज सिंह भाजपा विधायक रहे हैं। यादवेंद्र को छोड़कर उनके परिवार के ज्यादातर लोग भाजपा में लौट चुके हैं।  
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यह है उम्मीदवार
ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा
गजानंद कुशवाह निर्दलीय
मनमोहन निर्दलीय
महेंद्र जैन निर्दलीय
मोहन निर्दलीय
राकेश निर्दलीय
हेमंत सिंह कुशवाहा निर्दलीय
धनीराम चौधरी बीएसपी
राव यादवेंद्र सिंह कांग्रेस
कनछेदीलाल कुशवाहा महानवादी पार्टी
करण सिंह जाटव आजाद समाज पार्टी
डीएस चौहान   आरएसपी
मनीष श्रीवास्तव एसयूसीआई
मोहम्मद जावेद अंसारी  आरजेपी
किशनलाल अहिरवार निर्दलीय
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