गुना जिला कांग्रेस अध्यक्ष बने विधायक जयवर्धन सिंह की नियुक्ति पर विवाद शुरू हो गया है। आरोन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीतू पटवारी का पुतला फूंककर विरोध किया। साथ ही हाईकमान पर स्थानीय नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
कांग्रेस हाईकमान द्वारा गुना जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे और राधौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह की नियुक्ति को लेकर विरोध तेज हो गया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद से ही जिले में कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है।
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रविवार को गुना जिले की आरोन तहसील में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का पुतला दहन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि संगठन ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी तरह अनदेखी की है। उनका कहना था कि जिले में सक्रिय नेताओं की उपेक्षा कर हाईकमान ने सीधे जयवर्धन सिंह को जिलाध्यक्ष बना दिया, जबकि वे पहले से विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जिला अध्यक्ष जैसा 'छोटा पद' क्यों दिया। यह निर्णय संगठनात्मक मजबूती के बजाय शीर्ष नेतृत्व की मनमानी का परिणाम है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की नियुक्तियों से सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर होगा।
दरअसल, जयवर्धन सिंह की नियुक्ति ने जिले की कांग्रेस इकाई में गुटबाजी और मतभेद को और गहरा कर दिया है। असंतोष की यह लहर आगे चलकर पार्टी की एकजुटता पर असर डाल सकती है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यदि संगठनात्मक असंतोष को समय रहते नहीं संभाला गया, तो आगामी चुनावों में इसका सीधा असर कांग्रेस के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।