एनएसयूआई के अध्यक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ हुई इस धोखाधड़ी में कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर और अकाउंटेंट भी शामिल हैं, जिनकी मिली भगत से यह घोटाला हुआ। उन सभी पर भी दंडात्मक कार्रवाई होना चाहिए, जिससे आगामी भविष्य में कभी ऐसी घटना ना हो सके। छात्रों को परेशान न किया जाए, उनकी फीस माफ हो या जो दोषी पाए जाते हैं, उन दोषियों के पैसे से छात्रों की फीस जमा की जाए।
जिन छात्रों द्वारा फीस जमा की गई है, उनकी फीस भी वापस की जाए। इन सभी मांगों को लेकर NSUI के सदस्य भूख हड़ताल पर बैठे और कॉलेज के प्राचार्य वीके तिवारी ने NSUI कार्यकर्ताओं के पास जाकर उनकी सभी मांगों को मानते हुए उनकी भूख हड़ताल खत्म की गई और आश्वासन दिलाया गया कि जिन क्योस्क संचालक के संचालकों ने धोखाधड़ी की है उनसे यह राशि वसूली जाएगी।