शहर के वार्ड क्रमांक 11 में रविवार को जनगणना सर्वे के दौरान शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। सरकारी काम कर रही महिला सर्वे कर्मचारी रीना चिढ़ार के साथ स्थानीय परिवार की महिलाओं ने सड़क पर गिराकर मारपीट की। इस दौरान एक महिला गोद में मासूम बच्चा लिए कर्मचारी से भिड़ गई और धक्का-मुक्की में दोनों सड़क पर गिर पड़ीं। गनीमत रही कि बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज अब वायरल हो रहा है।
पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीना चिढ़ार ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। रीना के अनुसार वे वार्ड 11 के ब्लॉक नंबर 73 में घर-घर जाकर सर्वे कर रही थीं। इसी दौरान कमलेश चिढ़ार ने गाली-गलौज शुरू कर दी और सरकारी रजिस्टर छीनकर फाड़ दिया। रीना ने बताया कि रजिस्टर घर के अंदर चला गया था और जब वे उसे लेने गईं तो आरोपियों ने उनके गाल पर थप्पड़ मारे और पल्लू खींचकर नीचे पटक दिया। लात-घूंसों से पीटा और पेट में भी लात मारी, मोहल्ले वालों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
वायरल सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बहस के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घर की एक महिला गोद में छोटा बच्चा लिए हुए ही रीना से उलझ पड़ी। धक्का-मुक्की में दोनों गेट से बाहर सड़क पर गिर गईं। सड़क पर गिरते ही घर की अन्य महिलाओं और लड़कियों ने रीना को घेर लिया और लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। फुटेज में बच्चा नीचे गिरते-गिरते बचा, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि महिला कर्मचारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद चल रहा है। सर्वे के दौरान कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों तरफ से आवेश में आकर हाथापाई होती दिख रही है।
फिलहाल पुलिस को सिर्फ महिला कर्मचारी रीना का शिकायती आवेदन मिला है। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दूसरे पक्ष के बयान दर्ज करने के बाद ही स्पष्ट होगा कि झड़प की शुरुआत किसने की। सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया है।
जनगणना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी काम में लगे कर्मचारी के साथ मारपीट गंभीर अपराध है। प्रशासन ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं इस घटना ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फील्ड में अकेले सर्वे करने जाने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग उठ रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।