गुना शहर में नकली नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश का एक मामला सामने आया है। गुना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर भुगतान के लिए दिए गए 100 रुपये के नोट ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। नोट संदिग्ध नजर आने पर ढाबा संचालक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 100-100 रुपये के कुल 47 जाली नोट बरामद हुए।
ढाबे पर बिल चुकाने पहुंचा था युवक, नोट देखकर हुआ संदेह
युवक के पास इतनी संख्या में जाली नोट कहां से आए, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के लिए जांच का अहम पहलू यह है कि युवक के पास इतनी संख्या में जाली नोट कहां से पहुंचे। प्रारंभिक तौर पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी इन नोटों को अकेले बाजार में चला रहा था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति अथवा समूह काम कर रहा है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई कहां से हुई और इन्हें गुना तक किस माध्यम से लाया गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने अलग-अलग दुकानों, ढाबों या अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों पर छोटे मूल्य के नोटों के जरिए नकली करेंसी खपाने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में वास्तविक स्थिति पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बीएनएस की धारा 180 में केस दर्ज, आरोपी रिमांड पर
मामले में कोतवाली पुलिस ने चंद्रेश अहिरवार के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 180 के तहत प्रकरण कायम कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से जाली नोटों के स्रोत, इन्हें प्राप्त करने वाले व्यक्ति, बाजार में चलाने के तरीके और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है। यदि जाली नोटों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो उन्हें भी जांच के दायरे में लिया जाएगा। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी को मामले की शुरुआती महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।