उज्जैन के महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालु बिना किसी शुल्क के मंदिर में दर्शन और पूजन कर सकेंगे। भक्तों की इच्छा को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अभी तक श्रद्धालुओं को करीब 1500 रुपये का शुल्क पूजन के लिए देना होता था, लेकिन अब सामान्य दर्शनार्थी बाबा महाकाल को मंगलवार से शुक्रवार तक दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बिना किसी शुल्क के पूजन कर सकेंगे।
दरअसल उज्जैन आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने महाकाल मंदिर समन्वय समिति के सामने प्रस्ताव रखा था कि महाकाल दर्शन के लिए देश के साथ ही विदेश से भी श्रद्धालु आते हैं। लंबे समय से श्रद्धालु भगवान को जल अर्पित करने की मांग कर रहे थे। भक्तों की मांग थी कि उन्हें भी गर्भगृह में जल चढ़ाने की अनुमति मिले, लोगों की मांग को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने इसे इजाजत दे दी है।
मंदिर प्रकाशक गणेश धाकड़ से मिली जानकारी के अनुसार श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए महाकाल की दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सामान्य दर्शनार्थी भी अब महाकाल के गर्भगृह में मंगलवार से शुक्रवार दोपहर एक बजे से चार बजे तक बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पाएंगे। अभी तक इसके लिए 1500 रुपये का दान शुल्क देना पड़ता था।