सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह शुक्रवार को शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह के परिजनों से मिलने सीधी जिले के डढ़िया गांव पहुंचे। जनरल सिंह ने यहां कहा कि एलओसी पर हुई घटना के मामले में सेना जरूरी कार्रवाई कर रही है।
जनरल बिक्रम सिंह की यह यात्रा सैनिकों का मनोबल बढ़ाने और आम जनता में फैले गुस्से को कम करने के लिहाज से अहम थी। सेना द्वारा बदले की कार्रवाई नहीं किए जाने के बारे में जनरल ने कहा कि वह किसी राजनीतिक मसले का उत्तर नहीं देना चाहते, लेकिन भारतीय सेना एलओसी पर पूरी मुस्तैदी से तैनात है और वह इससे संतुष्ट हैं। उन्होंने शहीद के बड़े भाई सत्येंद्र सिंह को जेपी सीमेंट में नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा और मकान बनाने के लिए 150 बोरी सीमेंट जेपी सीमेंट के प्लांट से देने की घोषणा की।
जनरल सिंह ने सुबह ही डढ़िया पहुंच कर शहीद सुधाकर सिंह की पत्नी दुर्गा सिंह और परिवार के अन्य लोगों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सेना सहित पूरा देश उनके साथ है। सेना प्रमुख ने कहा कि सेना के सभी सैनिकों के परिवार की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है और हम इस जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाते हैं।
सिंह ने कहा कि वह बहादुर सैनिक सुधाकर सिंह बघेल के बलिदान को सलामी देने आए हैं। जनरल सिंह ने दुर्गा सिंह से कहा कि उनका पति एक शेर था। सिंह ने उम्मीद जताई कि उसका बेटा भी सेना में शामिल होगा। सुधाकर सिंह के परिवार को अब तक 65 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। इसमें से 44 लाख रुपये सेना ने प्रदान किए हैं। पांच लाख रुपये रक्षा राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह भंवर ने और 15 लाख मध्य प्रदेश सरकार ने दिए हैं।
सेना प्रमुख ने इस बात की घोषणा भी की है कि सीधी जिले में जुलाई में एक भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। जनरल सिंह के साथ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत भी थे, जो सेंट्रल जोन के कमांडिंग आफिसर हैं।