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MP News: पुलिस हिरासत में ट्यूटर की मौत का मामला, फॉरेंसिक अधिकारियों को घटनास्थल से नहीं मिला कोई सबूत

Sat, 11 Feb 2023 06:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश

सार

जांच टीम में शामिल वरिष्ठ वैज्ञानिक वीके बाथम ने बताया कि मौके पर कुछ भी नहीं मिला है। न तो यहां मारपीट, संघर्ष, रगड़ जैसे कोई निशान मिले हैं। न कोई साक्ष्य मिला है। जो एविडेंस होशंगाबाद टीम को मिले होंगे। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
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गंज थाना में फॉरेंसिक जांच के दौरान फॉरेंसिक अधिकारी और पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के बैतूल में पुलिस हिरासत में ट्यूटर की मौत के आरोपों के बीच पुलिस ने बैतूल गंज पुलिस चौकी की फोरेंसिक जांच करवाई है। नर्मदापुरम से पहुंची जांच टीम ने मौके पर एक घंटे से ज्यादा समय रुककर सबूत खोजे। यहां टीम को कोई भी सबूत नहीं मिला।

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जिला अस्पताल में संदिग्ध हालत में मिली थी ट्यूटर की लाश 
बैतूल के गंज इलाके के रहने वाले ट्यूटर लल्लू माथनकर की पिछले सात फरवरी को संदिग्ध हालत में जिला अस्पताल में लाश मिली थी। परिजनों ने मामले में लल्लू की पुलिस हिरासत में मौत होने का आरोप लगाया था। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में एसपी की ओर से एसडीओपी शाहपुर को जांच सौंपी जा चुकी है।

पुराने गंज थाने की हुई फॉरेंसिक जांच
मामले में घटनास्थल रेलवे स्टेशन के पास पुराना गंज थाना बताया जा रहा है। उसके बाद शनिवार को इस पुलिस चौकी पर पहुंचकर होशंगाबाद की एफएसएल टीम ने जांच की है। फॉरेंसिक साइंस अधिकारी ऋषिकेश यादव ने यहां पहुंचकर मौके से कई साक्ष्य एकत्रित किए हैं। उनके साथ वरिष्ठ फॉरेंसिक साइंस अधिकारी वीके बाथम भी मौजूद थे। दोनों ने गंज पुलिस चौकी में मारपीट से लेकर अन्य के साक्ष्य एकत्रित करने की बात कही है।
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मौके से नहीं मिले भौतिक साक्ष्य
फॉरेंसिक अधिकारी ऋषिकेश यादव के मुताबिक, मौके से कोई भी भौतिक साक्ष्य नहीं मिला है। जिस साक्ष्यों को यहां से एकत्रित किया है, उन्हें जांच के लिए सागर लेबोरेटरी भेजा जाएगा।

जांच टीम में शामिल वरिष्ठ वैज्ञानिक वीके बाथम ने बताया कि मौके पर कुछ भी नहीं मिला है। न तो यहां मारपीट, संघर्ष, रगड़ जैसे कोई निशान मिले हैं। न कोई साक्ष्य मिला है। जो एविडेंस होशंगाबाद टीम को मिले होंगे। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट 15 से 30 दिन में मिलेगी। यहां बंद होने की वजह से धूल, बाल जैसे साक्ष्य मिले हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे अपराध से जुड़े हों।

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