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मध्यप्रदेश: कांस्टेबल ने किया युवती का रेप, साथी ने बचाने के लिए भेजा अपना स्पर्म और ब्लड सैंपल

Mon, 07 Dec 2020 06:05 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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मध्य प्रदेश के उज्जैन में खाकी को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कांस्टेबल ने युवती को शादी का सपना दिखाकर उसके साथ तीन साल तक दुष्कर्म किया। जब वह शादी करने से मुकर गया तो पीड़िता ने पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ केस दर्ज करा दिया। केस दर्ज होने के बाद कांस्टेबल को बचाने की कोशिशें होनी लगीं। ऐसे में कांस्टेबल के एक साथी ने डीएनए जांच के लिए अपना स्पर्म और ब्लड सैंपल भेज दिया। आलाधिकारियों को  मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने जांच के आदेश दे दिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह मामला उन्हेल इलाके का है। यहां न्यू अशोक नगर में एक युवती किराए पर रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही थी। उसकी दोस्ती पड़ोस में रहने वाले कांस्टेबल अजय अस्तेय से हो गई। अजय ने युवती को शादी का सपना दिखाया और तीन साल तक उसके साथ दुष्कर्म किया। 4 दिसंबर को लड़की को पता चला कि अजय किसी दूसरी लड़की के साथ सगाई कर रहा है। ऐसे में उसने कांस्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया। केस दर्ज के होने के बाद अजय को गिरफ्तार कर लिया गया।

5 दिसंबर को हुआ मेडिकल

मामले में कार्रवाई के तहत पुलिस 5 दिसंबर को अजय का मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंची। बताया जा रहा है कि उस दौरान अजय के साथ दो साथी कांस्टेबल भी थे। डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने परीक्षण के लिए अजय के शुक्राणु और ब्लड के सैंपल लिए, जिसके बाद अजय को जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, अजय के शुक्राणु, ब्लड सैंपल और लड़की के वेजाइनल स्वैब की स्लाइड को भोपाल भेजा गया, जहां दोनों के डीएनए को चेक किया जाता। जांच में प्रोफाइल मैच होते ही साबित हो जाता कि अजय ने लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगर प्रोफाइल मैच नहीं होता तो साबित होता कि लड़की से रेप नहीं हुआ और सबूतों की कमी के चलते अजय अदालत में बच जाता।

अजय के साथी ने दिया सैंपल

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में अजय की जगह उसके साथी कांस्टेबल ने पहचान छुपाते हुए ब्लड और स्पर्म का सैंपल दे दिया। जब अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी को इस साजिश का पता चला तो उसने इसके बारे में अपने सीनियर ऑफिसर को बताया। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। ऐसे में 6 दिसंबर को एक सब इंस्पेक्टर की निगरानी में अजय का दोबारा मेडिकल टेस्ट हुआ, जिसके बाद उसे सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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