फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: एक दिन में 118 शवों का दाह संस्कार, ऑक्सीजन व डॉक्टरों की कमी, जानें चार बड़े शहरों का हाल

Sun, 25 Apr 2021 12:29 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भारत में कई राज्यों की तरह ही कोरोना वायरस के भयंकर प्रसार के कारण मध्यप्रदेश भी संकट से जूझ रहा है। राज्य के कई अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन और डॉक्टरों की भारी कमी है, जिस कारण बड़ी संख्या में कोविड मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में कई राज्यों की तरह ही कोरोना वायरस के भयंकर प्रसार के कारण मध्यप्रदेश भी संकट से जूझ रहा है। राज्य के कई अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन और डॉक्टरों की भारी कमी है, जिस कारण बड़ी संख्या में कोविड मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार छतरपुर जिला अस्पताल में पांच घंटे तक ऑक्सीजन की सप्लाई बंद रहने से चार कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी के कारण मुरैना जिला अस्पताल में भी एक संक्रमित महिला ने अपनी मां की गोद में दम तोड़ दिया। इसके पहले शुक्रवार को ग्वालियर के सात अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने से 10 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई थी।

विज्ञापन

एक्टिव मरीजों की संख्या 90 हजार होने के करीब

पिछले 24 घंटे की बात करें को मध्यप्रदेश में कोरोना के 12 हजार 918 नए मरीज मिले हैं। इससे प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4 लाख 85 हजार 703 हो गई। इसी अवधि में पूरे राज्य में रिकॉर्ड 104 कोरोना मरीजों की मौत हुई। वहीं, अप्रैल के 23 दिनों में 1,027 लोग कोरोना की जंग हार चुके हैं।

इनमें 729 मौतें तो पिछले 10 दिन में ही रिकॉर्ड दर्ज की गई। 104 मरीजों की मौत के बाद प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 5041 हो गई। इसके अलावा शनिवार (24 अप्रैल) को 11091 संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अब तक प्रदेश में 3 लाख 91 हजार 299 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं जबकि 89 हजार 363 मरीज एक्टिव हैं यानी इनका इलाज जारी है। 

मेडिकल स्टाफ की कमी
राज्य में कोरोना के एक्टिव केस लगभग 90 हजार तक पहुंचने पर यहां मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। प्रदेश के हर छोटे -बड़े शहर में डॉक्टरों की भी कमी होने लगी है। हालांकि, स्टाफ की कमी को देखते हुए सरकार ने निलंबित नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को बहाल करने का फैसला लिया है। वहीं, जिन 186 डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चार बड़े शहरों का हाल

प्रदेश के चार बड़े शहरों में 24 घंटे में 5 हजार 704 नए केस आए हैं, जबकि 31 मौतें हुई हैं। इसमें से सबसे ज्यादा इंदौर में 1826 नए संक्रमित सामने आए, सात लोगों ने जान गंवाई है। सरकारी रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा मौतें ग्वालियर में दर्ज की गई हैं। यहां 12 लोगों ने दम तोड़ा है जबकि संक्रमितों की संख्या 1220 रही। भोपाल में 1802 नए मामले सामने आए हैं जबकि पांच मौतें हुई हैं। जबलपुर में 856 नए संक्रमित सामने आए हैं,  सात मरीजों की जान गई है। 
  • भोपाल: राजधानी में लगभग सभी अस्पतालों में पिछले 72 घंटे से ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है। शहर के 104 कोविड अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्ट पर करीब 4 हजार 771 मरीज हैं। शहर को रोजाना 100 टन ऑक्सीजन की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 80 टन की ही व्यवस्था हो पा रही है । 
  • इंदौर: शहर में कोरोना संक्रमितों को बेड नहीं मिल रहे। राधा स्वामी सत्संग ब्यास (मां अहिल्या कोविड केयर सेंटर) में 600 बेड के कोविड केयर सेंटर के बाद भी मरीजों को राहत नहीं मिल रही। 
  • ग्वालियर: ग्वालियर में  ऐसा पहली बार हुआ है जब एक हजार से ज्यादा संक्रमित एक दिन में डिस्चार्ज किए गए हैं। यहां एक्टिव केस 9042 हो गए हैं।
  • जबलपुर: जबलपुर में शनिवार (24 अप्रैल) को 42 दिन बाद ऐसा हुआ, जब नए कोरोना के मरीजों से ज्यादा स्वस्थ हुए लोगों की संख्या रही। शनिवार को यहां 820 नए संक्रमित सामने आए जबकि 856 लोग स्वस्थ हुए।
विज्ञापन

राजधानी में कोरोना से मृत 100 लोगों का हुआ दाह संस्कार

भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर पहली बार शनिवार (24 अप्रैल) को रिकॉर्ड 118 शवों को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। इनमें कोरोना संक्रमितों के 100 शव थे। इन 100 शवों में 66 भोपाल और 34 शव बाहर के थे।

सरकार के रिकॉर्ड में शनिवार को भोपाल में कोरोना से सिर्फ पांच मौतों का ही आंकड़ा दर्ज किया गया। विश्राम घाट के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने कहा कि जहां तक मुझे याद है कि विश्राम घाट के इतिहास में अब तक की यह एक दिन में अंतिम संस्कार की सबसे ज्यादा संख्या है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें