वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा है कि इस बार एक साथ चुनाव कराना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 32 लाख ईवीएम की जरूरत पड़ेगी जबकि आयोग के पास सिर्फ 15 लाख 16 हजार ईवीएम ही हैं। जब उनसे एक छात्र ने फेक न्यूज को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है।
ओपी रावत ने कहा कि महाभारत में द्रोणाचार्य का वध करना था, उन्हें कमजोर करने के लिए युद्ध के दौरान घोषणा कर दी गई कि अश्वत्थामा मारा गया। अश्वत्थामा द्रोणाचार्य के पुत्र थे। जबकि मरने वाला अश्वत्थामा एक हाथी था, जिसके बारे में घोषणा की गई थी। द्रोणाचार्य यह खबर सुनकर कमजोर हो गए और पांडवों ने उनका वध कर दिया। उन्होंने कहा कि यही फेक न्यूज का उदाहरण है।
मध्यप्रदेश में 2008 और 2013 के बीच बढ़े 1.5 करोड़ वोटर और 2013 से 2018 के बीच बढ़े सिर्फ 28 लाख वोटरों के मामले में उठ रहे सवालों पर ओपी रावत ने कहा कि पिछले चुनावों में पहले क्या हुआ क्या नहीं हुआ, हमें गड़े मुर्दे नहीं उखाड़ने हैं। उन्होंने कहा कि न ही पुराने किसी मामले में जांच करानी है लेकिन अब जो भी हो रहा है उनकी तुरंत जांच की जा रही है।