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ग्वालियर में ड्रोन मेला: MITS में बनेगा ड्रोन एक्सीलेंस सेंटर, मध्य प्रदेश में खुलेंगे 5 ड्रोन स्कूल

Sat, 11 Dec 2021 06:15 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को ग्वालियर के माधव इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) में ड्रोन मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश में 5 ड्रोन स्कूल खोले जाने की घोषणा की। 
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ड्रोन - फोटो : pixabay
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में माधव इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) में ड्रोन एक्सीलेंसी सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। इसके लिए एक ड्रोन कंपनी से एमओयू भी साइन हुआ है। इसके साथ ही ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, भोपाल और सतना में ड्रोन तकनीक और उसके इस्तेमाल की शिक्षा व प्रशिक्षण के लिए स्कूल खोले जाएंगे। 
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इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने MITS में प्रदेश के पहले ड्रोन मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी आधुनिक युग के लिए वरदान है। इसका उपयोग क्रांतिकारी साबित होगा। विकास कार्यों की योजना बनाने के साथ ही आपदा प्रबंधन में ड्रोन उपयोगी साबित होने वाला है। खेतों में उर्वरक, दवाओं का छिड़काव, दूरस्थ स्थानों पर दवाएं पहुंचाने से लेकर कई काम आने वाला है। कार्यक्रम में चौहान और सिंधिया के साथ ही केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और ग्वालियर के सांसद विवेक नारायण शेजवलकर मौजूद थे। प्रदेश के पहले ड्रोन मेले में करीब 20 कंपनियों ने भाग लिया। एक साथ 40 ड्रोन भी उड़ाए गए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि क्षेत्र में किसानों के लिए वरदान सिद्ध हो सकती है। भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त के साथ ही पुलिस सर्विलांस में भी यह टेक्नोलॉजी उपयोगी है। 

सिंधिया ने कहा- ड्रोन स्टार्टअप्स बढ़ाएंगे भारत को आगे 
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उम्मीद जताई कि उनके मंत्रालय की पीएलआई योजना से भारत में ड्रोन क्रांति का सूत्रपात होगा। सिंधिया ने वीडियो ऐप यूट्यूब पर नौजवानों से चैट भी की। उन्होंने कहा कि हमें विश्व-स्तर पर फॉलोअर नहीं लीडर बनना है। इसमें ड्रोन स्टार्टअप्स बड़ा जरिया बन सकते हैं। हम पीएलआई के जरिए अगले तीन साल तक 120 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन उद्यमियों को देने जा रहे हैं। 
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आने वाले समय में कम होंगी ड्रोन की कीमतें
ड्रोन की कीमतों पर सिंधिया ने कहा–तकनीक नई होती है तब कीमत ज्यादा होती है। समय के साथ बहुत तेजी से कम भी होती हैं। मोबाइल तकनीक आज उपकरण और डेटा वैल्यू के लिहाज से बेहद किफायती हो चुकी है। उसी तरह से जब बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा तो ड्रोन की कीमतें भी घटेंगी। ड्रोन सेक्टर के फलने-फूलने से कस्बा-देहात तक ट्रेंड ड्रोन-पायलटों की आवश्यकता होगी। युवाओं के लिए यह रोजगार का नया क्षेत्र होगा।
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