इंदौर नगर निगम के अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से पीटने के बहुचर्चित मामले और एक अन्य प्रकरण में जमानत मिलने पर रविवार सुबह जिला जेल से छूटने के बाद स्थानीय भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय सोशल मीडिया पर वायरल हुए हर्ष फायरिंग के एक वीडियो के कारण नये विवाद में घिर गये। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि विजयवर्गीय के एबी रोड स्थित कार्यालय के सामने कई लोग भाजपा के झंडे हाथ में लेकर ढोल की थाप पर थिरक रहे हैं। इस दौरान एक व्यक्ति बंदूक से लगातार पांच बार हवा में हर्ष फायरिंग करता है। इस वीडियो को शनिवार शाम का बताया जा रहा है जब भोपाल की एक विशेष अदालत ने बल्ला कांड समेत दो मामलों में विजयवर्गीय की जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। क्षेत्र क्रमांक-तीन के भाजपा विधायक के जिस दफ्तर के सामने हर्ष फायर किये गये वह पार्टी के शहर कार्यालय से सटी वाणिज्यिक इमारत में स्थित है।
कांग्रेस की आपत्ति से इतर भाजपा ने इस विवाद से पल्ला झाड़ लिया है। भाजपा की शहर इकाई के मीडिया प्रभारी देवकीनंदन तिवारी ने कहा कि विजयवर्गीय के कार्यालय के सामने हर्ष फायर के मामले से भाजपा या भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता का कोई संबंध नहीं है।
मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस से मांग की है कि विजयवर्गीय के कार्यालय के सामने उनके कथित समर्थकों द्वारा की गई हर्ष फायरिंग को लेकर आपराधिक मामला दर्ज किया जाये।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर जुटी भीड़ के पास इस तरह हवाई फायर करना कानून का सरेआम उल्लंघन है। हमारी मांग है कि इस मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज करे और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे।