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MP News: डिंडौरी में हुई थी बीजेपी नेता की पत्नी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस और डॉक्टर उठाए सवाल

Tue, 13 May 2025 06:02 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी

सार

मध्यप्रदेश के डिंडौरी में बीजेपी नेता की पत्नी की संदिग्ध मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने कई सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
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मृतक महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डिंडौरी जिले में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष दशरथ राठौर की पत्नी संगीता राठौर की संदिग्ध मौत ने नया मोड ले लिया है। तीन मई को हुई इस घटना को लेकर मृतका के परिजन अब पुलिस और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रहे हैं।

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मंगलवार को पुलिस ने मृतका के परिजनों को सिटी कोतवाली थाने बुलाकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन संगीता के पिता राजबली ठाकुर ने बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चार मई की सुबह जिला अस्पताल में संगीता राठौर का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टर सुरेश मरावी, मनीष ठाकुर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंकिता पटेल की टीम ने यह प्रक्रिया पूरी की। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि संगीता की मौत घटना के 24 घंटे के भीतर हुई है। उनके शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए, लेकिन रिपोर्ट में गला दबने से मौत होने की आशंका जताई गई है। मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि के लिए विसरा सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

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मृतका के पिता राजबली ठाकुर ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसे आत्महत्या माना जाए, तो कमरे में मिला खून कहां से आया? उन्होंने यह भी पूछा कि यदि संगीता ने फांसी लगाई थी, तो दशरथ राठौर ने उसे फंदे से नीचे क्यों उतारा और पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी? एसडीओपी मोहंती मरावी ने बताया कि जांच अभी जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। इस बीच, दशरथ राठौर को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
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इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि आरोपी सत्तारूढ़ दल से जुड़ा हुआ है। परिजन जहां हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं प्रशासन जांच पूरी होने तक कोई ठोस निष्कर्ष देने से बच रहा है। अब सबकी नजरें फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।

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