गाड़ी पलटने की कोशिश करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी पर पत्थराव करते लोग
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'जल-जंगल-जमीन की लड़ाई'
मशीनों के कार्य शुरू होने की सूचना पर जयस के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने पूर्व में ग्राम मोगरा में ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि बिना जन-सहमति के कोई कार्य नहीं होगा, फिर भी पुलिस बल के दम पर ड्रिलिंग क्यों की गई। बघेल ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को कानूनी दायरे में रहकर लड़ें।
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खाली हाथ लौटी प्रशासन की टीम
धार जिले के कुक्षी, बाग और आलीराजपुर जिले के जॉबट ब्लॉक के कई गांवों में चूना पत्थर की खोज का विरोध पिछले कई महीनों से चल रहा है। पिछले महीने हुए चक्का जाम के बाद प्रशासन ने शांति का आश्वासन दिया था, लेकिन बुधवार को विवाद फिर बढ़ गया। ग्रामीण अपनी जमीन कंपनी को देने के लिए किसी भी हालत में तैयार नहीं थे। विरोध के कारण घंटों चली गहमागहमी के बाद प्रशासन की पूरी टीम को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।