फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: धार में मिट्टी के बांध में दरार, कई गांवों को कराया खाली, आगरा-मुंबई राजमार्ग पर घंटों लगा रहा जाम

Fri, 12 Aug 2022 04:37 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार जिले के भरुडपुरा और कोठीदा के बीच कारम नदी पर बनाए जा रहे डैम की दीवार धंसकने से पानी का रिसाव गांवों की और बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह भारी मात्रा में बांध की मिट्टी एक तरफ बह गई हैं। 
विज्ञापन
डैम में शुक्रवार से ही रिसाव होने लगा था, जो आज और बढ़ गया। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धार जिले की धरमपुरी तहसील के ग्राम कोठीदा भारुडपुरा में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे निर्माणाधीन बांध में पहली ही बारिश में रिसाव शुरू हो गया है। कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के बांध के दाएं हिस्से में 500-530 के मध्य डाउन स्ट्रीम की मिट्टी फिसलने से बांध को खतरा पैदा हुआ था। इस बांध की लंबाई 590 मीटर और ऊंचाई 52 मीटर है। वर्तमान में इसमें 15 एमसीएम पानी इस बांध में जमा है। लीकेज की खबर मिलते ही इंदौर के आईजी और कमिश्नर तथा धार व खरगोन के कलेक्टर और एसपी घटनास्थल पर पहुंचे।

विज्ञापन


एहतियात के तौर पर धार जिले के 12 और खरगोन के छह गांवों को खाली कराया गया है। राहत शिविर बनाकर उसमें लोगों को शिफ्ट किया है। एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात की गई है। एयरफोर्स के दो हेलिकॉप्टर और आर्मी की एक कंपनी आवश्यकता पड़ने पर सक्रिय होगी, उन्हें स्टैंडबाय मोड में रखा गया है। जल संसाधन विभाग बांध को सुरक्षित रखने के लिए कार्य कर रहा है। आगरा-मुंबई नेशनल राजमार्ग-तीन (AB रोड) कुछ घंटों के लिए बंद कर तेजी से बांध की मरम्मत का काम शुरू किया गया। भोपाल और इंदौर के विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद है। बांध का पानी खाली कर बांध की दीवार में राहत-बचाव का कार्य किया जा रहा है। समय रहते यदि राहत कार्य नहीं किया गया तो कई गांव बाढ़ के शिकार हो सकते हैं। 

मौके पर मौजूद अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
लीकेज की खबर मिलते ही मंत्री मौके पर  
बांध में लीकेज की खबर मिलते ही जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट कारम बांध पहुंचे। सीपेज की सूचना पर जिला कलेक्टर डॉक्टर पंकज जैन, सिंचाई विभाग के इंजीनियर निनामा, एसडीओ सिद्दीकी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बांध का निरीक्षण  , गुजरी के आसपास कोठीदा, भारुडपुरा इमलीपुरा, भांडाखो, दुगनी, डेहरिया, सिमराली, सिरसोदिया, डहीवर, लसनगाव, हनुमंतिया समेत 11 गांवों में ग्रामीणों को अलर्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर, भोपाल से विशेषज्ञों का दल बुलाया गया है। जल संसाधन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद है। अधिकारियों की देख-रेख में बांध में आपदा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। बांध में रिसाव होने के चलते जगह-जगह से पानी के फव्वारे निकल रहे हैं।
 

यातायात रोकने से लगी कतार - फोटो : अमर उजाला
इन स्थानों के लिए अलर्ट जारी
नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। धरमपुरी तहसील के आसपास कोठीदा, भारुडपुरा, इमलीपुरा, भांडाखो, दुगनी,डेहरिया, सिमराली, सिरसोदिया, लालबाग, वासवी, बलवारी, नापी दहीवर, बेगन्दा ग्राम तथा महेश्वर तहसील के गड़ी, मेलखेड़ी ,मोयदा, कांकरिया, मिर्जापुर में अलर्ट जारी किया गया है। खरगोन के छह गांव भी प्रभावित हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर और एसपी ने निचले इलाकों के गांव को खाली कराना शुरू कर दिया है। मुम्बई- आगरा राजमार्ग, खालघाट से मानपुर तक बंद कराया गया था। इसे दोपहर बाद फिर से खोल दिया गया। काकडदा, मेलखेड़ी, काकरिया, मिर्जापुर, बडवी और जलकोटा गांव में भी अलर्ट जारी किया है। धामनोद-बड़वाह मार्ग का ट्रैफिक पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इससे दोनों तरफ गाड़ियों की कतारें लग गई। इंदौर से आने-जाने वाले रास्ते पर 78 किमी दूर ट्रैफिक रोका गया।

मौके पर जारी राहत बचाव कार्य - फोटो : अमर उजाला
गेट खोलने के प्रयास जारी
मौके पर मौजूद धार कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने कहा कि भोपाल से एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंच गई है। गेट खोलने के प्रयास जारी हैं। कुछ ही समय में स्थिति को कंट्रोल कर लिया जाएगा प्रशासन हर तरीके से अलर्ट है। मौके पर मंडलेश्वर एसडीएम सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद है। प्रदेश के उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भी कारम बांध क्षेत्र में पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन सतर्क है। बांध का जलस्तर खाली कराया जा रहा है। प्रशासन हर स्थिति को संभाले हुए हैं। नजर बनाए हुए है।

कारम नदी परियोजना पर 304.44 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य किया गया था। कारम नदी पर बने बांध में जहां रिसाव शुरू हुआ है उस हिस्से पर करीब 100 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किया गया है। बीते चार साल से निर्माण कार्य जारी है। इस बांध के बनने से आसपास के करीब 52 गांवों में 10500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। 

विज्ञापन

बांध की वह दीवार जहां से पानी का रिसाव शुरू हुआ है। - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सीएम कमलनाथ ने जताई चिंता, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
कारम नदी पर बने बांध की मिट्टी धंसकने की खबर मिलने पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर चिंता व्यक्त की। कमलनाथ ने लिखा कि मध्यप्रदेश के धार जिले में कारम नदी पर नवनिर्मित कोठिदा-भारुडपुरा बांध में रिसाव की ख़बर बेहद चिंताजनक। 304 करोड़ रुपये की इस योजना में शुरू से स्थानीय ग्रामीणजनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण कार्य की शिकायत दर्ज करवायी जा रही थी, लेकिन शिकायतों की अनदेखी की गयी। जिसके परिणाम स्वरूप पहली बारिश में ही यह लीकेज की घटना सामने आई है। आदिवासी क्षेत्रों में चले रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें निरंतर सामने आ रही हैं।

कमलनाथ ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि बांध में रिसाव को देखते हुए सरकार सुरक्षा के तत्काल आवश्यक सभी कदम उठाए, ताकि किसी भी तरह के नुक़सान व जनहानि को रोका जा सके। आसपास के गांव में विशेष सतर्कता बरतने व उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जाए। साथ ही इस नवनिर्मित डैम में भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण की शिकायतों को देखते विशेषज्ञों का एक जांच दल तत्काल गठित करने का निर्णय भी लिया जाए, जो इस निर्माण कार्य की जाँच करे। साथ ही इसके दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें