औद्योगिक नगरी पीथमपुर में स्थित ग्राम मंडलावदा में दो बच्चे अकेले गुमशुम बस स्टैंड पर बैठे हुए मिले। रहवासियों की सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची व बच्चों को लेकर थाने पर आई। जहां पर पहले बच्चों को खाने की सामग्री उपलब्ध करवाई, इसके बाद महिला पुलिसकर्मी ने बच्चों से चर्चा कर परिवार की जानकारी जुटाई। बच्चों ने बताया कि इंदौर से मां के साथ पीथमपुर आए थे, बस स्टैंड पर मां ने कहा कि वो मामा के घर से कुछ देर में आएगी। किंतु कई घंटों के बाद भी महिला नहीं लौटी। ऐसे में पूरे मामले की जांच में पीथमपुर पुलिस जुट गई है।
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जानकारी के अनुसार ग्राम मंडलावदा में रविवार सुबह दो बच्चों को सुनसान क्षेत्र में बैठे हुए लोगों ने देखा। पहले ग्रामीणों ने चर्चा की तो मां के आने का इंतजार की बात कहकर बच्चे बस स्टैंड पर ही बैठे रहे। सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों को अपनी अभिरक्षा में लिया, उनकी मेडिकल जांच कराई और अब उन्हें चाइल्ड केयर सोसायटी भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार के बावजूद अब तक उनके माता-पिता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों ने पूछताछ में अपना नाम सुमित उम्र 9 साल और उसके छोटे भाई विनायक उम्र 4 साल बताया है। पूछताछ में बच्चों ने अपने पिता का नाम दिलीप चौहान और मां का नाम रानू चौहान बताया है। वे पहले पीथमपुर के इंडोरामा स्थित राम गली में रहते थे, लेकिन वर्तमान में वे इंदौर से आए हैं। औद्योगिक क्षेत्र के सभी सेक्टरों में पुलिस ने बच्चों की तस्वीरें और जानकारी सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से साझा की है। पुलिस इंदौर और पीथमपुर के स्थानीय नेटवर्क के जरिए उनके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि बच्चों के अनुसार वे मां के साथ पीथमपुर आए थे, मेडिकल परीक्षण के बाद बच्चों को इंदौर स्थित चाइल्ड केयर यूनिट भेज दिया गया है। परिजनों की तलाश पुलिस टीम कर रही है।