अपर सत्र न्यायाधीश कुक्षी आरती शुक्ला पांडेय के न्यायालय ने सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य, विशेष रूप से डीएनए रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही आरोप सिद्ध करने में निर्णायक साबित हुई।