धार जिले के ग्राम पिंजराया में एक महिला द्वारा संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका आशा बाई ने ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर गेहूं में रखने वाली जहरीली दवाई खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति, सौतन और सास सहित चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पति कृष्णा (पिता सत्यनारायण चौहान) ने अपनी पहली पत्नी आशा बाई को बिना तलाक दिए ग्राम कोद निवासी सज्जा बाई नाम की महिला से संबंध बना लिए थे और उसे पत्नी बनाकर घर ले आया था। इसके बाद से ही पति कृष्णा, सौतन सज्जा बाई, सास रेखाबाई और कौशल्या बाई द्वारा आशा बाई को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना 3 जून की बताई जा रही है, जब प्रताड़ना से तंग आकर आशा बाई ने अपने मायके में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां 4 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आत्मघाती कदम उठाने से पहले महिला ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयां की थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को इस वीडियो की जानकारी सौंपी।
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मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया कथन
जहरीली दवा खाने के बाद जब महिला अस्पताल में भर्ती थी, तब पुलिस की सूचना पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट पंकज यादव मौके पर पहुंचे थे। महिला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए अपने बयानों में स्पष्ट तौर पर बताया था कि उसका पति दूसरी महिला के चक्कर में उसके साथ मारपीट और क्रूरता करता था। सादलपुर थाना प्रभारी सविता चौधरी ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए हैं कि पति के अन्य महिला से संबंध होने के कारण मृतका आशा बाई को प्रताड़ित किया जा रहा था। मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगामी विवेचना जारी है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।