बदनावर के समीप धार-उज्जैन फोरलेन पर गलत दिशा से आ रहे एक ट्रॉले ने इको वैन को सामने से ऐसी टक्कर मारी कि वह बुरी तरक पिचक गई। वैन में सवार सभी छह युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात में वड़ोदरा के रहने वाले ये युवक आपस में दोस्त थे और उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे।
हादसा बदनावर के समीप फोरलेन पर ग्राम पंचकवासा के पास रविवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ। मृत सभी युवक उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के दर्शन कर मारुति इको वैन (जीजे 17 सीके 6134) से गुजरात लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। दुर्घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसका अस्पताल में इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर लोहे के सामान से भरा एक ट्रॉला (जीजे 39 डीबी 9248) गलत दिशा से बेकाबू गति में उज्जैन की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही इको वैन की ट्रॉले से आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रॉला चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वैन की हालत ऐसी थी कि उसकी बॉडी काटकर दो शव निकाले जा सके।
इनकी हुई मौत
1. विशाल पिता रमेश भाई परमार
2. विमल कुमार पिता मुकेश भाई सोलंकी
3. दीपक कुमार पिता मुकेश भाई बारिया
4. राकेश कुमार पिता भूपतसिंह मकवाना
5. परेश कुमार पिता शैलेष भाई परमार
6. मितेश उर्फ मयूर पिता प्रकाश भाई चौहान
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे
रविवार देर शाम करीब साढ़े छह बजे मृतकों के परिजन वड़ोदरा से बदनावर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिए गए। मृतक मितेश के चाचा अश्विन चौहान ने कहा कि सुबह ही मयूर से बात हुई थी। सभी दोस्त शनिवार को महाकाल दर्शन के लिए घर से निकले थे। वैन राकेश चला रहा था, उसकी भी मौत हो गई। पांच दोस्त फाइनेंस कंपनी में और एक वाहन कंपनी में काम करता था।
सूचना मिलते ही धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, एसपी सचिन शर्मा, एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। कलेक्टर मीणा ने बताया कि ट्रॉला ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शी महिपाल सिंह का मकान सड़क किनारे ही है। वह घर में बैठे थे तभी अचानक भीषण आवाज आई। बाहर आए तो देखा कि एक्सीडेंट हुआ था। वैन में कुछ लोग फंसे थे। पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कार के गेट को ग्राइंडर से काटकर शवों को बाहर निकाला।