पुलिस ने अज्ञात महिला की हत्या के अंधे कत्ल का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर उसके पास से घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, बीते 10 जुलाई 2026 को कोतवाली थाना धार के अंतर्गत एक कृषि फार्म के समीप सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया। बारीकी से की गई जांच और बयानों के आधार पर मृतका की शिनाख्त मंजुबाई (45 वर्ष), पति स्व. मयाराम, निवासी ग्राम लेबड़ (पीथमपुर) के रूप में हुई।
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खरीदारी के बहाने बुलाकर उतारा मौत के घाट
मर्ग जांच और गवाहों के बयानों में यह बात सामने आई कि 9 जुलाई को आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया, निवासी ग्राम सोडपुर (नालछा), मृतका मंजुबाई को इंदौर के रानीपुरा बाजार से कटलरी का सामान दिलाने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल से साथ ले गया था। पुलिस की प्रारंभिक विवेचना के मुताबिक, आरोपी और मंजुबाई के बीच प्रेम संबंध थे। मंजुबाई लगातार आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। घटना के दिन भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। गुस्साए आरोपी ने धार के पास तुर्क बगड़ी बायपास रोड पर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर अपने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसने शव को सड़क किनारे पानी के गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गया।
बाइक व फोन जब्त
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित विशेष पुलिस टीम ने साक्ष्यों और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए 11 जुलाई 2026 को आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया को धरदबोचा। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस चुनौतीपूर्ण और अंधे कत्ल का 24 घंटे के भीतर खुलासा करने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह चौहान, उपनिरीक्षक अशोक लहरी, एएसआई अनिल डावर, एएसआई दीप चंदेल, क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल, साइबर सेल और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण व सराहनीय भूमिका रही।