धार के ऐतिहासिक मुंज सागर तालाब का 3.5 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण शुरू हो गया है। बाउंड्रीवाल, गार्डन, नए घाट और कृत्रिम कुंड बनाए जाएंगे। परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और शहर के जल संरक्षण तथा भू-जल रिचार्ज को मजबूती मिलेगी।
धार शहर के प्राचीन और ऐतिहासिक मुंज सागर तालाब को जल्द ही अपनी खोई हुई पहचान वापस मिलने वाली है। वर्षों से अतिक्रमण, गंदगी और बदहाली का शिकार रहे इस ऐतिहासिक जलस्रोत के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के लिए नगर पालिका ने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। योजना पर अमल शुरू हो चुका है, जिससे शहरवासियों में तालाब के पुराने गौरव की वापसी को लेकर नई उम्मीद जगी है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर दिया गया है। पहले चरण में तालाब की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इससे तालाब की भूमि सुरक्षित होगी और वर्षा ऋतु में आने वाले पानी का बेहतर संरक्षण भी हो सकेगा।
पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकसित
प्रतिमा विसर्जन के लिए बनेंगे कृत्रिम कुंड
जल संरक्षण में निभाता है अहम भूमिका
मुंज सागर तालाब धार शहर की ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ-साथ जल संरक्षण की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह तालाब शहर के हजारों नलकूपों के भू-जल स्तर को रिचार्ज करने में अहम भूमिका निभाता है। गर्मी के मौसम में भी यह जलस्तर बनाए रखने में सहायक साबित होता है। इसलिए इसका संरक्षण शहर के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
नगरपालिका के सहायक यंत्री अश्विनी डावर ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर दिया गया है। पहले चरण में बाउंड्रीवाल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद सुंदरीकरण, गार्डन निर्माण और घाटों के पुनर्निर्माण सहित अन्य सभी कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।