जिले की सरदारपुर तहसील के मांगोद-मनावर मार्ग पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई लूट के सनसनीखेज मामले का अमझेरा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए बदमाशों ने एक अन्य लूट की वारदात को अंजाम देने की बात भी स्वीकार की है।
बता दें कि 3 जून की शाम करीब 05:30 बजे 'नाबफिंस लिमिटेड' कंपनी के कर्मचारी अमर दास (पिता रतनदास बैरागी) कलेक्शन का पैसा लेकर बाइक से लौट रहे थे। मांगोद-मनावर रोड स्थित आमला फाटा के पास पीछे से आए एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और कर्मचारी के पीठ पर टंगा बैग छीन लिया, जिसमें कलेक्शन के 1,33,100 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन रखे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी केशवी की तरफ फरार हो गए थे। फरियादी की शिकायत पर अमझेरा थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ाए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गोपनीय सूचना और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों—राजेश (20 वर्ष, निवासी ग्राम हाथीपावा) और विक्रम उर्फ अकरम (24 वर्ष, निवासी ग्राम बावड़ीखोदरा) को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने फाइनेंस कर्मी से लूट की बात स्वीकार की और बताया कि उन्होंने आपस में पैसे बांट लिए थे।
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पूछताछ में एक और लूट का खुलासा
सतत पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने एक अन्य साथी राजेश (पिता छगन सिंगार, निवासी बावड़ीखोदरा) के साथ मिलकर 16 जुलाई को ग्राम बडलीपुरा कला निवासी राजाराम पटेलिया के घर में घुसकर झोपड़ी से 20,000 रुपये नकद, दो बकरियां और दो बकरी के बच्चे भी लूटे थे।
नकदी और बाइक जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 34,000 रुपये नकद (32,000 रुपये फाइनेंस लूट व 2,000 रुपये अन्य अपराध से संबंधित) और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की लाल पट्टी वाली हीरो एच.एफ. डीलक्स मोटरसाइकिल जब्त की है।