पुलिस अधिकारी जंगल में जाँच करते हुव
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में दर्ज एक अत्यंत गंभीर आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र की पुलिस धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र पहुंची। महाराष्ट्र पुलिस की टीम स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और धामनोद पुलिस के सहयोग से धामनोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जामनझिरी के जंगलों में (गणेश घाट से पहले) पहुंची, जहां करीब एक फीट गहराई में दफन किए गए एक भ्रूण को जमीन से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मौके पर ही आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर साक्ष्य सुरक्षित कर लिए हैं।
20 दिन पहले दफनाया गया था भ्रूण
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे सनसनीखेज मामले का मुख्य आरोपी भूषण, पिता गोकुल धनगर, निवासी गोरगांवले (तहसील चोपड़ा, जिला जलगांव, महाराष्ट्र) है। जलगांव जिले के थाना अडावद में आरोपी के खिलाफ एक गंभीर प्रकरण दर्ज है। विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने एक नाबालिग पीड़िता के साथ संबंध बनाए थे, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। इसके बाद आरोपी ने कानूनी कार्रवाई से बचने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से करीब 20 दिन पहले भ्रूण को धामनोद थाना क्षेत्र के जामनझिरी जंगल में लाकर गुपचुप तरीके से दफना दिया था।
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कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई खुदाई
पूछताछ में आरोपी की निशानदेही के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धामनोद नायब तहसीलदार के आदेश पर चिन्हित स्थल पर खुदाई करवाई गई। डीएनए (DNA) सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक नियमों के तहत संपन्न करने के लिए धामनोद नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद को पत्र जारी कर आवश्यक चिकित्सकीय अमला और सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
DNA सैंपल सुरक्षित, जांच अधिकारी को सुपुर्द
कार्रवाई के दौरान मौके पर नायब तहसीलदार, महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी, धामनोद पुलिस बल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद के मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज धाकड़ मुख्य रूप से मौजूद रहे। मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज धाकड़ ने वैज्ञानिक पद्धति से भ्रूण से आवश्यक डीएनए नमूने एकत्रित किए। इन नमूनों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सील व पैक किया गया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई करते हुए सीलबंद नमूनों को जलगांव के नायब तहसीलदार योगेश पाटिल और एपीआई (API) प्रशांत कंडारे के सुपुर्द कर दिया गया। महाराष्ट्र पुलिस डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।
पुलिस अधिकारी जंगल में जाँच करते हुव