पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
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बदनावर तहसील के ग्राम दत्तीगारा में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले का कानवन थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गांव के ही दो युवकों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मृतक के संबंध मुख्य आरोपी की मां से थे, जिसे बेटे ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
रास्ते में रोका और ईंट-लकड़ी से किया हमला
दरअसल, कानवन थाना अंतर्गत दत्तीगारा-बिडवाल रोड पर आरोपियों ने मृतक को घेरकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने लकड़ी, ईंटों और हाथ में पहनने वाले लोहे के नुकीले कड़े से उनको बेरहमी से पीटा। चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने खुद ही मृतक के बेटे को फोन कर घटना की सूचना दी। परिजन गंभीर रूप से घायल को तत्काल कानवन और फिर धार के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। किंतु चोटें इतनी गंभीर थीं कि मृतक ने धार के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पीथमपुर से दबोचे गए आरोपी
मृतक की मौत के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया। एसपी सचिन शर्मा एवं एएसपी पारुल वेलापुरकर के निर्देशन में निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया व कानवन पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई। पुलिस ने पीड़ित परिवार से चर्चा कर सुराग जुटाए और आरोपियों की तलाश में पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र में दबिश दी, जहां दोनों छिपे हुए थे। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी और उसके दोस्त विजय (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय क्षेत्र के ही एक कॉलेज में प्राइवेट कर्मचारी है।
रिश्ते के कारण उपजा था आक्रोश
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक मृतक रिश्ते में उसके बड़े पापा लगते थे। मृतक के उसकी मां के साथ प्रेम संबंध थे। आरोपी ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था, जिससे आक्रोशित होकर उसने अपने दोस्त विजय के साथ मिलकर हत्या की यह साजिश रची। इस अंधे कत्ल का 24 घंटे में पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया, उनि अरुण कुमार मिश्रा, उनि अजय वर्मा, प्रधान आरक्षक रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, भगवती चौहान, गजेंद्र, कृष्णलाल, संजय शिवहरे और साइबर सेल धार की टीम की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।