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Dhar Dam News: कट लगाकर तेजी से निकाला जा रहा कारम बांध से पानी, डूबने के खतरे के बीच 18 गांव कराए गए खाली

Sun, 14 Aug 2022 08:29 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

धार के कारम नदी पर बने बांध को फूटने से बचाने के लिए पैरेलल चैनल बनाकर पानी निकालना शुरू कर दिया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ऐहतियातन लुन्हेराफाटा से धामनोद तक का रास्ता बंद कर दिया गया था, जिसे देर रात फिर शुरू कर दिया है। 
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चैनल में बांध का पानी पहुंचने लगा है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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धार जिले के निर्माणाधीन बांध से तेजी से पानी निकालने का सिलसिला जारी है। बांध के समांतर बनाए गए चैनल के जरिए पानी निकासी कर बांध को खाली किया जा रहा है, वहीं, मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी और आपदा की आशंका के बीच आसपास के 18 गांवों को प्रशासन ने खाली करा लिया है। रातभर चले बचाव एवं राहत काम के बाद अब पानी निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ऐहतियात के तौर पर लुन्हेराफाटा से धामनोद तक का रास्ता कुछ समय के लिए बंद रखा गया था, लेकिन देर रात रास्ता खोल दिया गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी लगातार कारम बांध की स्थितियों की जानकारी ले रहे हैं। 
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धार के कारम नदी पर बने बांध के निचले हिस्से में आने वाले 18 गांव को प्रशासन ने पहले ही खाली करवा लिया है। यहां से लोगों के साथ ही पशुओं को भी बाहर निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगातार वल्लभ भवन में कंट्रोल रूम से बांध के रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए है। सेना और एनडीआरएफ की टीम अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे एबी रोड समेत बांध के आसपास के छोटे रास्ते भी बंद कर दिए हैं। जिन गांवों में मुनादी करा कर अलर्ट किया गया था, उन गांवों की बिजली भी काट दी गई है। सभी अधिकारी मौके पर भी उपस्थित है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वल्लभ भवन से लगातार जानकारी ले रहे हैं। 
 

प्रशासन ने बांध से कनेक्ट कई रास्ते भी बंद किए हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि चैनल बनाकर पानी निकालने की कोशिश कर रहे थे पर पत्थर आ जाने से दूसरा विकल्प अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है। भारी बारिश का अलर्ट है। जहां से पानी लीकेज हो रहा था, वहीं से कट लगाकर पानी निकालने की योजना है।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि कहा कि सभी का यह मत है कि जनता की सुरक्षा को देखते हुए ऐसी स्थिति में बांध में पानी का रहना उचित नहीं है। इसलिए हमने फैसला किया है कि बांध को कट करके हम पानी निकालेंगे। बांध खाली करेंगे। कट करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है और हमने उसके पूर्व ही सभी 18 गांव पूरी तरह से खाली करवा लिए हैं। गांव में कोई भाई बहन ना रहे इसलिए हमारी पूरी टीम में घूम रही है। कलेक्टर, एसपी, एडीएम एसडीएम तहसीलदार, नायब तहसीलदार उनके साथ साथ हमारे पुलिस के जवान, होमगार्ड के जवान एसडीआरएफ की टीमें, एनडीआरएफ की टीम, आर्मी के कालम सब फील्ड में तैनात हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि पानी निकलने वाला है। कोई गांव में ना रहे। हमने यह व्यवस्था भी की है की पशु कोई गांव में ना रह जाए। गाय बैल भैंस बकरी बकरा इनको भी निकालने की व्यवस्था की गई है।
 

धार के कारम बांध से पानी निकालने में जुटा प्रशासन - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि आज मैं अपनी पूरी टीम के साथ जिसमें सीएस, डीजीपी भी हैं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में बैठा हूं। दोनों मंत्री कल से ही बांध स्थल पर मौजूद हैं। हमारे कमिश्नर, आईजी, इरीगेशन के इंजीनियर, चीफ इंजीनियर समेत पूरा आ अमल बांध स्थल पर ही मौजूद है। सुबह से हम विशेषज्ञ से सलाह ले रहे हैं। प्रोफेसर गोयल जी आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर है, इस मामले के विशेषज्ञ माने जाते हैं उनसे भी हमने एडवाइज ली है। रिटायर्ड चीफ इंजीनियर से भी एडवाइस ली है। मेरी बात सम्मानीय प्रधानमंत्री जी, सम्मानीय गृहमंत्री जी , सम्मानीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से  भी हुई है।
 
उन्होंने कहा कि मैंने जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। दोनों क्षेत्र के सांसद गण, धरमपुरी के विधायक से भी मेरी बात हुई। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से मेरी बात हुई, संघ के स्वयंसेवकों से मेरी बात हुई, मैंने सब से अपील की है कि इस समय कोई भी व्यक्ति भाई-बहन गांव में ना जाए, इसमें सहयोग करें। प्रभावित भाइयों बहनों और बेटे बेटियों के भोजन की और बाकी सारी व्यवस्था की जा रही है।
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प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। - फोटो : सोशल मीडिया
सीएम ने कहा कि हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि हर जिंदगी सुरक्षित रहे और पानी बाहर निकल जाए। ताकि बाद में निश्चिंत होकर लोग अपने अपने गांव में वापस आ पाए। इसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। क्योंकि यह जनता की जिंदगी का मामला है। मैं मेरे सभी 18 गांव और उन गांव की टोली मजरे भी हैं उनके भाई बहनों से प्रार्थना करना चाहता हूं कृपया कर सहयोग करें, किसी भी हालत में अपने गांव अभी ना जाएं। मैं भी कंट्रोल रूम में बैठा हूं। हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए हूं। मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर इन कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलेंगे।
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