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धार में महासत्याग्रह: फैसले के बाद पहले मंगलवार को उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर हुई जमकर आतिशबाजी

Tue, 19 May 2026 03:17 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

 MP News in Hindi: धार की भोजशाला में हाईकोर्ट के निर्णय और एएसआई गाइडलाइन के बाद महासत्याग्रह हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हिंदू संगठनों ने मां वाग्देवी की लंदन स्थित प्रतिमा वापस लाने और सर्वे में मिली 94 मूर्तियों को भोजशाला में स्थापित करने की मांग उठाई।
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धार भोजशाला में पूजा अर्चना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार की भोजशाला में महासत्याग्रह का आयोजन किया गया। हाईकोर्ट के निर्णय और एएसआई की नई गाइडलाइन के बाद यह पहला मंगलवार था, जिसके चलते बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भोजशाला पहुंचे। एक दिन पूर्व ही भोज उत्सव समिति ने शहरवासियों से महासत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान किया था। भोजशाला को मंदिर का दर्जा मिलने के बाद से समाज में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

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धार सहित आसपास के जिलों से भी लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। इधर, सर्वे के दौरान उत्खनन में भोजशाला परिसर से मिली 94 मूर्तियों को पुनः स्थापित किए जाने की मांग हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने एएसआई से की है। दरअसल, रविवार को हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में मां वाग्देवी के प्रतीक स्वरूप की स्थापना कर पूजन की शुरुआत की गई थी। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब पूरे 24 घंटे मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। पिछले तीन दिनों से समाज द्वारा प्रतिदिन मां का पूजन किया जा रहा है।

पढ़ें: राजधानी एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच तेज, छह सदस्यीय हाईलेवल कमेटी गठित; 20 मई तक आएगी जांच रिपोर्ट

भोजशाला में सत्याग्रह के बाद हिंदू समाज के लोगों ने अखंड ज्योति मंदिर के सामने जमकर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाया। करीब एक घंटे तक लोगों ने पटाखे फोड़े। इस दौरान युवाओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला। लोग अपने घरों से भी पटाखे लेकर पहुंचे थे। करीब एक घंटे तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा। लोगों ने सरकार से मांग की कि मां वाग्देवी की लंदन में रखी प्रतिमा को वापस लाकर भोजशाला में स्थापित किया जाए।

प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्राचार
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि मां वाग्देवी की मूर्ति को लंदन से वापस लाने की दिशा में प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटिश संग्रहालय, लंदन से वापस लाकर भोजशाला, धार में स्थापित किया जाए। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, मुख्यमंत्री कार्यालय तथा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को भी पत्र भेजे गए हैं।

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सर्वेक्षण में मिली मूर्तियों को भोजशाला में स्थापित करने की मांग
भोजशाला में एएसआई के सर्वेक्षण के दौरान मिली देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी ससम्मान स्थापित करने की मांग की गई है। इनमें ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी, भैरवनाथ जी, महिषासुर मर्दिनी, मां वाग्देवी सहित कुल 94 मूर्तियां शामिल हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से मांग की है कि इन सभी मूर्तियों को भोजशाला में स्थापित किया जाए, ताकि श्रद्धालु वहां आकर दर्शन, पूजन और वंदन कर सकें।
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