देवास जिले की बागली जेल के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर अब जमकर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि यह वीडियो पुराना है, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद में जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को लेकर कलेक्टर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि आज दो वायरल वीडियो सामने आए हैं, जिसमें एक वीडियो जेल के बाहर का है और दूसरा वीडियो जेल में मुलाकात कक्ष का है।
वहां का भी वीडियो बाहर नहीं आना चाहिए, वह एक प्राइवेट जगह है और सुरक्षित जगह है। दोनों वीडियो को संज्ञान में लिया गया है। हालांकि वीडियो मुख्यतः बाहर के है, लेकिन फिर भी जेल अधीक्षक मैडम को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जेल के बाहर वीडियो बनाया गया है, लेकिन वह एक सिक्योर पैरामीटर है, सिक्योरिटी पैरामीटर को देखते हुए कार्रवाई के लिए कहा गया है कि आगे इस तरह के मामले सामने ना आए।
कलेक्टर ने की जेल अधीक्षक से चर्चा की
बागली जेल का वीडियो सामने आने के बाद में जेल अधीक्षक से चर्चा की गई। वहीं पूरे मामले को लेकर जांच के बाद भी कलेक्टर अशोक गुप्ता ने कहा कि ये एक सेंसिटिव परिसर है, जिसमें यदि कोई रील बनाता है तो यह एक गलत मैसेज जाता है।
जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
बावली जेल का वीडियो सामने आने के बाद अब जेल की सुरक्षा पर भी सवाल उठा रहे हैं। जहां जेल के बाहर वीडियो बन रहा है। वहीं जेल के अंदर एक कैदी जो बात कर रहा है, उसका भी वीडियो बनाया जा रहा है, जो जेल की सुरक्षा पर कहीं ना कहीं अब सवाल उठा रहे हैं।
आरोपियों पर धारा 151 के तहत मामला दर्ज
बागली पुलिस द्वारा जब जेल में रील बनाने को लेकर पोस्ट डालने वाले व्यक्तियों से चर्चा की गई तो उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करना स्वीकार किया गया। उक्त आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट से उक्त वीडियो को डिलीट करवाकर आरोपी के विरूद्ध 151 BNSS के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद के द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट कर अशांति फैलाने वालें असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये है।