अफगानिस्तान एक्सपोर्ट की जाने वाली डीओसी (डिओइल्ड केक) को बीच रास्ते में बदलकर नकली डीओसी भरने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य सरगना अभी भी फरार है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह एक साल पहले भी औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के हत्थे चढ़ा था।
जानकारी के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र थाने में 4 नवंबर 2024 को प्रेस्टीज फीड मिल्स लिमिटेड ने एक आवेदन पत्र दिया। इसमें कहा गया कि कंपनी का माल मुंबई पोर्ट से अफगानिस्तान जाना था। 22 अक्टूबर 2024 को एमपी बॉम्बे ट्रांसपोर्ट इंदौर द्वारा देवास से मुंबई के लिए 30 टन डीओसी माल ले जाने के लिए ट्रक क्रमांक एमएच 18 बीजी 8837 भेजा गया।
ड्राइवर कंपनी से डीओसी की 560 बोरियां (वजन 30 टन) लेकर निकला और उक्त माल को राजा चौहान निवासी गुणावद के गोदाम में ले गया। वहां पर प्रेस्टीज कंपनी के बैग खोलकर उनमें मिलावट कर दी गई। बाद में बैग को पुनः सील कर माल को मुंबई नवकार पोर्ट भेज दिया गया, जहां, जांच के दौरान मिलावट पाई गई।
मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपी राकेश भूरिया, वसीम, राजा चौहान, जफर, शाहरुख मंसुरी और अनिल मुजाल्दे के खिलाफ अपराध दर्ज किया। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राकेश भूरिया पिता अंतरसिंह भूरिया (29), निवासी सागौर कुटी दशहरा मैदान खमतलई थाना सागौर धार, शाहरुख पिता मुबारिक मंसुरी (30), निवासी 111 मेकेनिक नगर सेंधवा बड़वानी और अनिल पिता भगत सिंह मुजाल्दे (28 वर्ष), निवासी सतावड़ तहसील सहगांव थाना उन जिला खरगोन शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।