देवास जिले में संचालित प्ले स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने, साथ ही उनकी रैंकिंग एवं ग्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रशासन का यह कदम छोटे बच्चों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव को देखते हुए उठाया गया है, जिससे उनकी प्राकृतिक सीखने की प्रक्रिया प्रभावित न हो जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि जिले में संचालित किसी भी प्ले स्कूल द्वारा इन कक्षाओं के छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाती है या उनकी रैंकिंग/ग्रेडिंग की जाती है, तो संबंधित संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्था की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई शामिल है।
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कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी संबंधित संस्थाओं को कड़ाई से इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि अभी प्ले स्कूलो में नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 में अध्ययनरत बच्चों की औपचारिक परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं और उनके परिणामों के आधार पर रैंकिंग एवं ग्रेडिंग भी की जा रही है। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं, बल्कि यह शासन द्वारा निर्धारित शैक्षणिक नीतियों का भी उल्लंघन है।
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम जिले में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।