इस तहर हाथों में तख्तियां थामकर निकले लोग।
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बिजली बिलों को माफ करने व ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश की भाजपा सरकार को घेर रही है। आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब सड़क पर उतरकर जन आंदोलन किया जा रहा है। शनिवार को कांग्रेस ने देवास में प्रदर्शन कर रैली निकाली। इसमें जनसैलाब उमड़ा। जमकर नारेबाजी हुई।
दरअसल शहर एवं जिला कांग्रेस के तत्वावधान में शनिवार को शहर में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। मुख्य मुद्दा बिजली बिलों के दाम बढ़ाए जाने का था। इसमें जनता की भी सहभागिता रही और हाथों में तख्तियां थामे जनता ने विरोध प्रदर्शन में अपनी आवाज बुलंद की। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस आंदोलन की अगुआई की तो कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मनोज राजानी व जिला अध्यक्ष अशोक पटेल समेत जिले के अन्य कांग्रेस नेता इसमें शामिल हुए। कांग्रेस कार्यालय से रैली शुरू हुई जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंची। मार्गों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व आमजन ने नारेबाजी की। बिजली कंपनी के बाहर भी नारेबाजी हुई। अप्रिय घटना हो इसके चलते पुलिस बल तैनात रहा।
शिवराज को सिर्फ उद्योगपतियों की चिंता
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इन गरीब महिलाओं का चेहरा दिखता नहीं है। मुख्यमंत्री देख लो किस तरह माताएं बहनें परेशान हैं। आपको तो सिर्फ उद्योगपतियों की चिंता है। आपने उनके बिल माफ कर दिए लेकिन इन गरीब लोगों के बिल माफ नहीं किए। कोरोना काल में तुमने न तो इंजेक्शन दिए न ऑक्सीजन दी लेकिन लोगों को बड़े-बड़े बिजली के बिल जरूर दे दिए। वादा करने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बिजली के बिल माफ नहीं किए।
वर्मा ने उपस्थित लोगों से कहा कि हम तो तुम्हारी लड़ाई लड़ रहे हैं और आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे। तुमने तो हमारी सरकार बना दी थी, लेकिन क्या करें राजा महाराजा भी बिकने लगे। शिवराज सरकार ने आठ बार बिजली के दाम बढ़ा दिए, लेकिन एक बार तो बिजली के बिल माफ कर दो। शीघ्र ही अमोना, रसूलपुर में विद्युत कंपनी के कर्मचारी आएंगे और शिविर लगाएंगे वहां आप अपने बिलों को लेकर उनसे बात करना। ऐसे शिविर शहर की अनेक गरीब बस्ती में भी लगाए जाएंगे। पंचायत चुनाव में ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि शिवराज सिंह सरकार की गलत नीतियों के कारण आज ओबीसी वर्ग आरक्षण से वंचित है। ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर भी एक ज्ञापन दिया गया।