बैरिकेट्स फांदकर नारेबाजी करते कांग्रेसी।
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मध्य प्रदेश के देवास में उस वक्त सब हैरान हो गए जब कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने रोका, समझाया और बैरिकेड्स लगाए लेकिन कांग्रेसी उन्हें तोड़ते हुए आगे बढ़ते गए। आखिर में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे और वहां जिलाध्यक्ष से मिले। उनको वह स्मरण पत्र सौंपा जिसमें बिजली माफी की घोषणा की गई थी।
दरअसल कांग्रेस का कहना है कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री ने बिजली बिल माफी की घोषणा की थी। यह कहा था कि बिल नहीं भरने पड़ेंगे। इसके चलते लोग बेफिक्र थे लेकिन उनके सपने तब टूट गए जब बिजली कंपनी ने लोगों को बिल वसूली के नोटिस दे दिए। इसके बाद लोग तो चिंतित हुए ही कांग्रेस को भी मुद्दा मिल गया। कांग्रेस ने रणनीति बनाई कि क्यों न भाजपा को ये याद दिलाया जाए कि उन्होंने क्या घोषणा की थी। इसके चलते युवा कांग्रेस ने आंदोलन किया।
इसकी रूपरेखा यह बनाई कि रैली के रूप में भाजपा कार्यालय जाएंगे और वहां भाजपा जिलाध्यक्ष को स्मरण पत्र सौंपा जाएगा। इसके चलते शहर में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और रैली के रूप में भाजपा कार्यालय जाने लगे। भाजपा को पहले ही सूचना दे दी थी लिहाजा पुलिस ने तैयारी की कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक लिया जाए। इसके लिए बैरिकेडिंग की गई। जब कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे तो रास्ते में उनको रोका गया। इस दौरान पुलिस से हुज्जत भी हुई। पुलिस ने कांग्रसियों को रोका लेकिन कुछ कांग्रेसी निकलने में सफल हो गए और भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल को स्मरण पत्र सौंपा।