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देवास: कुछ दिन पहले माता टेकरी पर पहुंच गया था लकड़बग्घा...अब खेतों में पहुंचा जंगली जानवर, वन विभाग लगा रहा पता तेंदुआ है या लकड़बग्घा...

Thu, 17 Feb 2022 06:13 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास

सार

देवास की माता टेकरी पर कुछ दिन पहले लकड़बग्घा पहुंच गया था। वन विभाग ने रेस्क्यू कर इसे पकड़ा था। अब शहर से लगे पालनगर-नागदा क्षेत्र में जंगली जानवर की दस्तक से लोग दहशत में है। किसानों में भय का माहौल है।
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खेत में पहुंचकर जंगली जानवर के पगमार्क देखते हुए। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के देवास में इन दिनों वन्यजीवों की दहशत है। वनों में रहने वाले जीव आबादी में विचरण कर रहे हैं जिस कारण भय बना हुआ है। कुछ दिन पहले प्रसिद्ध माता टेकरी पर लकड़बग्घे के कारण दहशत का माहौल था जिसे मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया। अब पालनगर-नागदा के क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका से किसान भयभीत हैं।
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दरअसल, देवास से लगे हुए पालनगर-नागदा क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवर की आहत है। इससे किसान डरे हुए हैं। खेतों में सिंचाई के लिए जाने वाले किसानों में भय है। उनका कहना है कि गेहूं के खेतों में बैठा जंगली जानवरी दिखाई दिया था। खेतों में जानवर के पगमार्क भी मिले हैं। पिछले दो दिनों से जंगली जानवर आसपास के क्षेत्र में किसानों को रात के समय ही दिखाई दे रहा है। किसानों ने इसकी सूचना क्षेत्र  के पूर्व पार्षद अर्जुन चौधरी को दी। किसानों व चौधरी ने मिलकर घटना को लेकर वन विभाग को अवगत करवाया। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगली जानवर की सूचना मिली थी। वीडियो में जो पगमार्क नजर आ रहे हैं वे लकड़बग्घे के लग रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने के लिए समझाइश दी है।

खेत में नजर आ रहे जंगली जानवर के पगमार्क - फोटो : सोशल मीडिया

किसानों ने जताई तेंदुए की आशंका
इधर किसानों का कहना है कि जंगली जानवर तेंदुआ हो सकता है। एक किसान रामसिंह का कहना है कि दो दिन पहले रात करीब 9 बजे खेत पर था। इस दौरान नीलगायों को खेतों से भगा रहा था। तभी खेत में फसल के बीच मेढ़ किनारे तेंदुआ दिखाई दिया। अन्य लोगों का कहना है कि तेंदुए जैसा जानवर दिखा है। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आसपास खेतों का मौका मुआयना किया। खेतों में मिट्टी गिली होने से सही पगमार्क मिलने में समस्या आई। बुधवार को दिन में किसी प्रकार का मूवमेंट नहीं हुआ। टीम नजर रखे हुए है। हालांकि किसान डरे हुए हैं क्योंकि सिंचाई की भी चिंता है। ऐसे में रात के समय कई बार खेतों पर जाना पड़ता है। जब तक जानवर पकड़ में नहीं आता तब तक किसानों का भय बना रहेगा। चिंता की बात यह भी है कि पालनगर-नागदा पहाड़ी से लगा है। इन इलाकों के खेतों में कुछ साल पहने बाघ का मूवमेंट भी दिखाई दिया था। 
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माता टेकरी से रेस्क्यू कर लकड़बग्घे को जंगल में छोड़ा था। - फोटो : सोशल मीडिया

माता टेकरी पर पहुंच गया था लकड़बग्घा
हाल ही में देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर लकड़बग्घा पहुंच गया था। इससे माता टेकरी पर जाने वाले श्रद्धालु भयभीत थे। इसके वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे जिसमें लकड़बग्घे का मूवमेंट नजर आया था। वन विभाग की टीम इस पर नजर रखे हुए थी। मशक्कत के बाद लकड़बग्घे का रेस्क्यू किया गया था। पूर्व पार्षद अर्जुन चौधरी ने बताया कि जंगली जानवर पालनगर के आसपास क्षेत्रों में दो दिनों से सिंचाई करने वाले किसानों को दिखाई दे रहा है। जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई है। 
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