देशभर में जहां दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर नाराजगी है वहीं, मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में 28 लोगों को दुष्कर्म के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई। मध्यप्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्य में दुष्कर्म के लिए पिछले दो वर्षों में 28 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की एक 23 वर्षीय महिला को दो कथित दुष्कर्मियों सहित पांच लोगों ने गुरुवार की सुबह आग लगा दी और शुक्रवार की रात को जलने के कारण उसने दम तोड़ दिया। यह घटना हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद हुई जिसने राष्ट्रीय आक्रोश को जन्म दिया।
मध्यप्रदेश में 2018 में दुष्कर्म और हत्या के उन्नीस मामले दर्ज किए गए। जिनमें से 18 मामले नाबालिग लड़कियों से संबंधित थे। सभी 19 मामलों में दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी गई। महानिदेशक (अभियोजन) पुरुषोत्तम शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि 2019 में नौ दुष्कर्म के मामलों में मौत की सजा दी गई।
शर्मा ने कहा कि भोपाल में स्थित मध्यप्रदेश अभियोजन विभाग को 2018 में दुष्कर्म के मामलों में तेजी से नजर रखने के कारण वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में एंट्री मिली है। उन्होंने कह, कटनी में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में अभियोजन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली और दोषी को पांच दिनों के भीतर मौत की सजा सुनाई गई।