मध्य प्रदेश के विदिशा में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाकर जान दे दी। शमशाबाद थाने के धोबीखेड़ा गांव में बुधवार को ये मामला सामने आया। सुबह के वक्त पिता और भाई खेत पर खरीफ की बोवनी के लिए गए थे। इस बीच घर में मां और दो बेटियों के शव फांसी पर लटके मिले जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
इस पूरी घटना पर एडिशनल एसपी केएल बंजारे ने बताया कि राजेश यादव की 50 वर्षीय पत्नी सुशीला यादव, बेटी सारिका और सबसे छोटी बेटी रक्षा का शव घर के हॉल में मिले। तीनों ने एक ही हॉल में फांसी लगाई। मामला संदिग्ध है। अभी तीनों की मौत का पता नहीं चल पाया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि एक रस्सी के तीन बराबर हिस्से हंसिए से काटकर किए गए। मां सुशीला कुर्सी पर तकिया रखकर ऊपर चढ़ी। इसके बाद छत के कुंदे से फांसी का फंदा बनाया और कुर्सी में लात मारकर लटक गई। वहीं, सारिका और रक्षा घर में रखे पलंग पर चढ़ी और छत के कुंदे पर रस्सी बांधकर लटक गई। तीनों ने एक ही हॉल की छत से फांसी लगाई।
एडिशनल एसपी केएल बंजारे का कहना है, 'ये मामला बहुत गंभीर है। इसलिए इस मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। एसपी ने मुझे खुद मौके पर भेजा था। मैं एफएसएल टीम के साथ पहुंचा था। जांच की गई है। कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह भी लग रही है लेकिन पीएम रिपोर्ट के बाद सही जानकारी मिल सकेगी।'