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Datia News: काम में ढिलाई को लेकर एसडीएम पर गिरी गाज, संतोष तिवारी पद से हटाए गए; कलेक्टर ने लिया एक्शन

Mon, 13 Apr 2026 04:07 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया में लंबित मामलों और लापरवाही पर कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए एसडीएम संतोष तिवारी को हटा दिया। उनकी जगह लोकेंद्र सिंह सरल को नया एसडीएम व दंडाधिकारी बनाया गया।

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एसडीएम पर गिरी गाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दतिया जिले में प्रशासनिक कामकाज को गति देने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस कार्रवाई के तहत दतिया अनुभाग के एसडीएम संतोष कुमार तिवारी को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल को नया एसडीएम एवं दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व एसडीएम के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित थे। राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों में अपेक्षित गति नहीं मिलने के कारण आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों और कार्यों में ढिलाई को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।

बताया जा रहा है कि संतोष कुमार तिवारी की टेबल पर कई जांचें महीनों से लंबित थीं, जिनका समय पर निराकरण नहीं हो पाया। इससे न केवल शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ, बल्कि आम जनता का भरोसा भी कमजोर पड़ने लगा था। इसी पृष्ठभूमि में कलेक्टर ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए त्वरित निर्णय लिया और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया।

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नई जिम्मेदारी संभालने वाले लोकेंद्र सिंह सरल को एक सक्रिय और अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उन्हें अब एसडीएम के साथ-साथ दंडाधिकारी, दतिया का प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा होगा और राजस्व सहित अन्य विभागीय कार्यों में तेजी आएगी।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट संकेत दिया गया है कि प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस बदलाव के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अन्य अधिकारी भी अब अपने-अपने कार्यों के प्रति अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस निर्णय का व्यापक प्रभाव पड़ेगा और जिले में प्रशासनिक अनुशासन मजबूत होगा।

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