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MP: सिंध नदी पुल के नीचे मिले शव का खुलासा, प्रेम-प्रसंग में पड़ी पत्नी ही निकली मास्टरमाइंड; यूपी से था मृतक

Thu, 19 Feb 2026 04:59 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

सार

दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने 10 दिन की जांच के बाद सुलझा ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई
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पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्त में। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने 10 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा लिया। इस केस ने पूरे इलाके को चौका दिया। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि प्रेम-प्रसंग के चलते रची गई साजिशन हत्या थी। इस साजिश की मास्टरमाइंड खुद मृतक की पत्नी निकली।
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गोराघाट थाना क्षेत्र में हाईवे पर सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में करीब 35 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव की हालत देख पुलिस को शुरू से ही हत्या की आशंका थी। पीएम रिपोर्ट ने इस आशंका पर मुहर लगा दी। मौत गला दबाने से हुई थी। पहचान न होने के कारण मामला अंधे कत्ल जैसा बन गया। नियम प्रक्रिया के तहत पुलिस ने शव को दफना दिया। मृतक की पहचान हंसराज वर्मा पुत्र रामसिंह वर्मा निवासी झांसी के रूप में हुई। परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस ने जेसीबी की मदद से दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा।

यहीं से जांच ने रफ्तार पकड़ी
परिजनों के बयान, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को एक ऐसे रिश्ते तक पहुंचाया, जहां से हत्या की पटकथा लिखी गई थी। जांच में सामने आया कि हंसराज की पत्नी बबीता वर्मा और उसके ताऊ के लड़के हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत हो रही थी। बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था। पैसों का लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था। इसी बहाने बबीता और हेमंत की बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही नजदीकियों में बदल गई
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सड़क किनारे झाड़ियों में तीनों रुके
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हंसराज ग्वालियर जाने के लिए निकला। उसी दिन बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कहा अब यह लौटकर नहीं आना चाहिए…यह तुम्हारा काम है। यहीं से हत्या की साजिश पक्की हो गई। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को प्लान में शामिल किया। हेमंत और अनिल ने हंसराज को शराब पिलाई। नशे में होने पर उसे बाइक से झांसी छोड़ने का झांसा दिया गया। रास्ते में डबरा और फिर गोराघाट पुल के पास शराब पी गई। गोराघाट थाना क्षेत्र में पुल पार करते ही सड़क किनारे झाड़ियों में तीनों रुके। यहीं मफलर से गला दबाकर हंसराज की हत्या कर दी गई और शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।



गवाहों के बयान कड़ी से कड़ी जोड़ते चले गए
पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले। रेलवे टिकट, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान कड़ी से कड़ी जोड़ते चले गए। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने तीनों आरोपियों हेमंत आर्य (33) निवासी ग्वालियर, अनिल खटीक (35) निवासी ग्वालियर और पत्नी बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार बबीता ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी को करीब 16 साल हो चुके थे और उसके दो बच्चे हैं। उसने आरोप लगाया कि हंसराज शराब का आदी था और अक्सर मारपीट करता था।लेकिन इसी बयान के बीच उसका प्रेम प्रसंग और हत्या की साजिश भी उजागर हो गई।

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