दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक पारा बुधवार को अचानक चढ़ गया। नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नामांकन पत्र खरीदते ही जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। इसे उनकी संभावित उम्मीदवारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
बुधवार दोपहर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीदा। उनके साथ समर्थकों की भीड़ भी मौजूद रही। हालांकि नियमों के अनुसार नामांकन पत्र खरीदना अंतिम उम्मीदवारी नहीं होती, लेकिन सियासी गलियारों में इसे उनकी दावेदारी की पहली औपचारिक सीढ़ी माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें-
दतिया उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा, निर्वाचन आयोग ने दिए निर्देश; भाजपा ने दिए सुझाव
बता दें कि दतिया सीट भाजपा का गढ़ रही है। डॉ. मिश्रा यहां से कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। हालांकि पार्टी ने अभी आधिकारिक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। बुधवार को डॉ. मिश्रा के अलावा तीन अन्य नेताओं ने भी नामांकन पत्र उठाए। इनमें छतरपुर से बालकिशन विश्वकर्मा, दमोह से वेदराम कुर्मी और हंसमुखी लोधी शामिल हैं। इससे पहले दो दिन में पांच अन्य संभावित उम्मीदवार फॉर्म ले चुके हैं। यानी अब तक नौ लोग मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। लेकिन किसी भी दल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। दतिया विधानसभा सीट पर कब्जे को लेकर दोनों प्रमुख दलों में मंथन चल रहा है।
राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने से खाली हुई सीट
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। राजेंद्र भारती की सदस्यता एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि के बाद समाप्त हुई। यह मामला वर्ष 1998 का है। आरोप था कि उनकी मां के नाम से संचालित संस्था की बैंक एफडी को नियमों के विपरीत बढ़ाकर उससे राशि निकाली गई। अदालत ने इसे बैंक धोखाधड़ी का मामला मानते हुए सजा सुनाई। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना है कि मामला बेहद पुराना है और इसके पीछे राजनीतिक कारण भी हैं। इस मामले में उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।