पीतांबरा पीठ के मुख्य द्वार पर निर्माणाधीन पिलर अचानक ढहने की घटना के दो दिन बाद बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उदयपुर के ठेकेदार कमल हिंगड़ और बीएल लोढ़ा पर कोतवाली पुलिस ने FIR दर्ज की है।
दोनों ठेकेदार मंदिर परिसर में राजस्थानी लुक में लाल पत्थर से मुख्य द्वार का निर्माण कर रहे थे। निर्माण के दौरान हुई लापरवाही के चलते पिलर ढह गए थे, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका थी। FIR मंदिर के सहायक व्यवस्थापक मनोज मुद्गल की शिकायत पर दर्ज की गई है। गुरुवार को कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने घटना स्थल का निरीक्षण कर कड़े शब्दों में कार्रवाई की चेतावनी दी थी। प्रशासन की चेतावनी के 24 घंटे के अंदर ही ठेकेदारों पर सीधी FIR की गई है।
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बता दें कि बुधवार रात निर्माण कार्य के दौरान नवनिर्मित मुख्य द्वार का बड़ा हिस्सा अचानक रह गया। इसमें 12 से 8 पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।गनीमत यह रही है कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। काम करने वाले मजदूर अपने घर चले गए थे। उसके बाद या घटना घटी इसलिए बड़ा हादसा होने से टल गया। अब इस पूरी घटनाक्रम पर खुद जिले के कलेक्टर नजर बनाए हुए हैं और इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मांगी गई। घटना के बाद आज जिले की कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े घटनास्थल पर पहुंचे और मंदिर परिषद पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही इस मामले को गंभीर मानते हुए तकनीकी जांच की आदेश जारी कर दिए थे।
वहीं एसडीएम ने पीठ प्रबंधन को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज तीन दिन में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। वहीं कलेक्टर ने मंदिर प्रबंधन और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर इस पूरी घटनाक्रम की जानकारी ली है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि निर्माण सामग्री, डिजाइन अप्रूवल, सुरक्षा मानकों और किसी भी तरह की चूक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर कलेक्टर की सीधी नजर है।