दतिया के विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा शक्तिपीठ में निर्माणाधीन मुख्य द्वार का हिस्सा गिर गया, 8-12 पिलर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने मौका मुआयना किया, चार सदस्यीय टीम से तकनीकी जांच के आदेश दिए। ठेकेदार-प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। गुणवत्ता में चूक पर सख्त कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने मंदिर प्रबंधन और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर बुधवार शाम के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि निर्माण सामग्री, डिजाइन मंजूरी, सुरक्षा मानकों और किसी भी तरह की चूक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जांच के लिए चार सदस्य टीम गठित की है। इसमें एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और फायर सेफ्टी के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह की निर्माण कार्य में कोई भी गड़बड़ी या गुणवत्ता में खराबी पाई जाती है तो उनको छोड़ा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, एसडीएम ने पीतांबरा पीठ प्रबंधन को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज तीन दिन में प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
बता दें, बुधवार रात निर्माण कार्य के दौरान नवनिर्मित मुख्य द्वार का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया था। इसमें 12 से 8 पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। काम करने वाले मजदूर अपने घर चले गए थे। उसके बाद यह घटना घटी इसलिए बड़ा हादसा होने से टल गया।