प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मंजुषा तेकाम की कोर्ट ने शुक्रवार को हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बहन के ससुर की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामला 13 अगस्त 2020 का है जब लरायटा निवासी कमल सिंह यादव भैंस खरीदने के बहाने अंगद यादव और के.पी. यादव के साथ घर से निकले थे। जब वे देर रात तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने रिश्तेदारी में पता किया। 17 अगस्त तक कोई सुराग नहीं मिलने पर चिरूला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंगद यादव, केपी यादव और शिवम यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंगद यादव और केपी यादव ने अपनी बहन के ससुर कमल सिंह को भैंस खरीदने के बहाने बुलाया था। रास्ते में उनका साथी शिवम यादव भी शामिल हो गया। निचरौली के कच्चे रास्ते पर पहुंचकर उन्होंने अपने प्लान को अंजाम दिया।
न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी पाया। जज मंजुषा तेकाम ने तीनों को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।