गांव में खुले आसामान के नीचे सोए कलेक्टर
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दतिया जिले के बीकर गांव में प्रशासन का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला, जब कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज कुमार वर्मा स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने गांव में चौपाल लगाकर लोगों से सीधे संवाद किया और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान अधिकारियों ने पानी, बिजली, सड़क, राशन और आवास जैसी आवश्यक सेवाओं को लेकर ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। खास बात यह रही कि अधिकारियों ने न सिर्फ शिकायतें सुनीं, बल्कि कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी सुनिश्चित किया। यह पहल किसी आदर्श प्रशासनिक कार्यशैली का जीवंत उदाहरण साबित हुई।
दौरे के दौरान कलेक्टर और एसपी ने गांव के बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। वहीं एसपी ने अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
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ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि अधिकारी वास्तव में उनकी समस्याओं को समझने और समाधान के लिए गांव तक पहुंचे हैं। अधिकारियों का सरल और जमीन से जुड़ा व्यवहार लोगों के दिल को छू गया।
बीकर गांव में हुआ यह संवाद प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इस तरह के प्रयास न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होते हैं, बल्कि जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत करते हैं।