दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 के नामांकन का आज आखिरी दिन है। यह पल सिर्फ कागजी कार्रवाई का नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का भी होगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। इसी कारण दोनों दलों के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के बड़े नेता एक ही दिन दतिया की धरती पर उतर रहे हैं।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी को लेकर है। टिकट बदलने के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व और नरोत्तम मिश्रा एक साथ मंच साझा करेंगे। राजनीतिक जानकार इसे संगठन की एकजुटता का बड़ा संदेश मान रहे हैं।
भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी
भाजपा ने उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है। इसमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और संगठन के बड़े चेहरे शामिल हैं। सूची में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम भी है। हालांकि सोशल मीडिया पर एक दूसरी सूची वायरल हो रही है जिसमें उनका नाम नहीं है। इससे कार्यकर्ताओं में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नामांकन के दिन पूरा नेतृत्व एकजुट दिखेगा और सरकार की योजनाओं के साथ विकास के मुद्दे को जनता के बीच ले जाया जाएगा।
भैरव मंदिर के पास होगी जनसभा
कांग्रेस भी पीछे नहीं है। पार्टी प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद दोपहर तीन बजे रिंग रोड स्थित भैरव मंदिर के पास एक बड़ी आमसभा का आयोजन किया गया है। इस सभा को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार संबोधित करेंगे। तीनों बड़े नेताओं की एक साथ मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में जोश भरने की तैयारी है।
स्थानीय मुद्दों, बेरोजगारी और महंगाई पर रहेगा कांग्रेस का फोकस
सभा के बाद भैरव मंदिर से किला चौक तक भव्य रोड शो निकाला जाएगा। कांग्रेस इसे जनसंपर्क से जनसमर्थन तक ले जाने की रणनीति बता रही है। पार्टी का फोकस स्थानीय मुद्दों, बेरोजगारी और महंगाई पर रहेगा। नामांकन को दोनों दलों ने सिर्फ औपचारिकता नहीं रखा है। भाजपा इसे सरकार की ताकत और डबल इंजन के प्रदर्शन के तौर पर देख रही है। वहीं कांग्रेस इसे संगठित विपक्ष और बदलाव की शुरुआत बता रही है।
भाजपा विकास और सुशासन का कार्ड खेलेगी
एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में भाजपा विकास और सुशासन का कार्ड खेलेगी। दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी की जोड़ी सरकार को घेरने की तैयारी में है। दतिया सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा से आशुतोष तिवारी, कांग्रेस से घनश्याम सिंह और आजाद समाज पार्टी से दामोदर यादव मैदान में हैं।
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भाजपा के लिए ये है चुनौती
भाजपा के लिए चुनौती अंदरूनी नाराजगी को दूर कर एकजुटता दिखाना है। कांग्रेस के लिए 20 साल पुराने किले में सेंध लगाना। नामांकन के दिन दोनों दलों द्वारा बुलाई गई भीड़ और नेताओं की मौजूदगी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिन प्रचार कितना आक्रामक रहेगा। सोमवार का दिन सिर्फ नामांकन नहीं, बल्कि पूरे उपचुनाव की दिशा तय करेगा। किसकी सभा में कितनी भीड़ जुटती है, किसका संदेश जनता तक पहुंचता है, यही तय करेगा कि दतिया का मुकाबला किस ओर जाएगा।