दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने नामांकन पत्र खरीदकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। अब तक 23 अभ्यर्थियों ने फॉर्म खरीदे, जबकि तीन नामांकन जमा हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही जिले का राजनीतिक तापमान बढ़ गया था। शुक्रवार को कांग्रेस के संभावित दावेदार कुंवर घनश्याम सिंह के नामांकन पत्र खरीदते ही कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई। नामांकन के 6 जुलाई से ही दावेदारों में फॉर्म खरीदने की होड़ दिख रही है। अब तक कुल 23 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र खरीद लिए हैं।
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शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संभावित प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे और नामांकन पत्र खरीदा। उनके साथ समर्थकों की भीड़ रही। फॉर्म खरीदने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाएंगे और दतिया के विकास को आगे बढ़ाएंगे।हालांकि कांग्रेस ने अभी उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है, लेकिन फॉर्म खरीदने से उनके दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। फॉर्म खरीदने वालों की संख्या 23 तक पहुंच गई है, लेकिन अब तक सिर्फ 3 नामांकन पत्र ही जमा हुए हैं। जमा करने वालों में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी दामोदर यादव और उनके भाई केशव यादव शामिल हैं। दोनों भाइयों ने अलग-अलग पर्चे दाखिल किए हैं। इसके अलावा छतरपुर निवासी बालकिशन विश्वकर्मा ने भी नामांकन पत्र जमा किया है। बाकी दावेदार अभी पर्चा जमा करने में इंतजार कर रहे हैं।
नामांकन प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नामांकन के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नामांकन की अंतिम तिथि तक पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से कराई जाएगी। दतिया सीट पर उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। वहीं कांग्रेस इसे वापसी का मौका मान रही है। घनश्याम सिंह के फॉर्म खरीदने से कांग्रेस में हलचल बढ़ी है, लेकिन अंतिम फैसला आलाकमान को लेना है।